Bhupesh Baghel Devendra Yadav Controversy: टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत के साथ देवेंद्र यादव का एक ही कार में वीडियो वायरल, अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की गुटबाजी पर फिर उठाए सवाल
Bhupesh Baghel Devendra Yadav Controversy: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में गुटबाजी और नेताओं के बीच खींचतान को लेकर सियासी चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। अब इस चर्चा को हवा दी है देवेंद्र यादव, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत का एक वीडियो, जिसमें तीनों एक ही कार में नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने इस वीडियो को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जोड़ते हुए हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में गुटबाजी अब खुलकर सतह पर दिखाई दे रही है। चंद्राकर के बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच समीकरण और खेमेबाजी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
भूपेश को छोड़ सिंहदेव-महंत के साथ नजर आए देवेंद्र यादव?
दरअसल, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देवेंद्र यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत एक ही कार में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के भीतर नेताओं के बदलते समीकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
भाजपा ने भी इस मौके को कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए इस्तेमाल किया। अजय चंद्राकर ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में एक-दूसरे के खिलाफ जोर लगाने की स्थिति दिखाई दे रही है और गुटबाजी सतह पर आ चुकी है।
चंद्राकर का कहना है कि कांग्रेस नेताओं को आपसी गुटबाजी और कलह से बाहर निकलकर प्रदेश के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं है। उनके इस बयान के बाद अब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।
Bhupesh Baghel Devendra Yadav Controversy: वीडियो वायरल होते ही क्यों गरमा गई सियासत?
देवेंद्र यादव का सिंहदेव और महंत के साथ नजर आना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में अलग-अलग नेताओं के बीच खेमेबाजी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। अब एक ही कार में तीनों नेताओं के नजर आने वाले वीडियो को भाजपा ने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों से जोड़ दिया है।
हालांकि केवल एक साथ नजर आने को किसी राजनीतिक गुट या नए समीकरण का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। लेकिन जिस समय यह वीडियो सामने आया है, उस समय कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव और नेताओं की जिम्मेदारियों को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चा चल रही है। ऐसे में वीडियो ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
कभी भूपेश बघेल के करीबी माने जाते थे देवेंद्र यादव
देवेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी लंबे समय से चर्चा होती रही है। बघेल के मुख्यमंत्री रहते देवेंद्र यादव को उनके करीबी नेताओं में गिना जाता था। लेकिन अब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक राजनीति में बदलते समीकरणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालिया घटनाक्रमों को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। खासतौर पर युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव के दौरान बिलासपुर में सामने आए घटनाक्रम ने भी दोनों नेताओं के खेमों के बीच कथित राजनीतिक दूरी की चर्चाओं को जन्म दिया था।
Bhupesh Baghel Devendra Yadav Controversy: बिलासपुर युवा कांग्रेस चुनाव से शुरू हुई थी चर्चा
बिलासपुर में युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव के दौरान राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा सामने आई थी। विधायक अटल श्रीवास्तव के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे विकास सिंह को देवेंद्र यादव खेमे के साथ जाने की बात सामने आई।
इसी घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर संगठन पर पकड़ और वर्चस्व की कथित लड़ाई से जोड़कर देखा गया। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी हुई कि क्या देवेंद्र यादव और भूपेश बघेल के बीच संगठनात्मक स्तर पर समीकरण बदल रहे हैं?
हालांकि इन घटनाक्रमों को लेकर कांग्रेस की ओर से किसी आधिकारिक बयान को इस खबर में आधार नहीं बनाया गया है। इसलिए गुटबाजी से जुड़े दावों को राजनीतिक आरोप और चर्चाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
Bhupesh Baghel Devendra Yadav Controversy: भूपेश बघेल को लेकर भी जारी है सियासी चर्चा
कांग्रेस के भीतर चल रही कथित गुटबाजी की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब भूपेश बघेल की संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है। पंजाब प्रभारी पद से हटाए जाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
इसी बीच देवेंद्र यादव का सिंहदेव और चरणदास महंत के साथ नजर आना भाजपा को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर हमला करने का एक और मौका दे गया है।
अजय चंद्राकर ने इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस में गुटबाजी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेता आपसी खींचतान में उलझे हुए हैं। अब उनके बयान पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।
क्या बदल रहे हैं कांग्रेस के अंदर राजनीतिक समीकरण?
वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस के भीतर नेताओं के राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं या फिर यह सिर्फ एक सामान्य मुलाकात का वीडियो है? क्या देवेंद्र यादव और भूपेश बघेल के बीच पहले जैसे राजनीतिक समीकरण हैं या संगठनात्मक स्तर पर कोई नया बदलाव दिखाई दे रहा है?
टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत के साथ देवेंद्र यादव की मौजूदगी ने इन सवालों को जरूर चर्चा में ला दिया है। हालांकि किसी भी राजनीतिक समीकरण का निष्कर्ष केवल एक वीडियो के आधार पर निकालना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल भाजपा इस घटनाक्रम को कांग्रेस की गुटबाजी से जोड़कर हमला कर रही है, जबकि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच वास्तविक राजनीतिक समीकरण क्या हैं, यह आने वाले दिनों में और साफ हो सकता है।
