Chhattisgarh Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे से प्रस्तावित इस बैठक पर किसानों, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक में धान खरीदी की तैयारियों, कर्मचारियों की लंबित मांगों और आगामी राज्योत्सव के आयोजन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
हालांकि, इन मुद्दों पर किसी निर्णय की आधिकारिक पुष्टि बैठक के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला लेगी और धान खरीदी की तैयारियों को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी होंगे।
धान खरीदी 2026-27 की तैयारियों पर हो सकती है चर्चा
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीदी केंद्रों की तैयारियों, व्यवस्थाओं और प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर कैबिनेट में चर्चा हो सकती है।
धान खरीदी प्रदेश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं, व्यवस्थाओं का समन्वय और किसानों को होने वाली संभावित परेशानियों को दूर करने जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान रह सकता है।
किसानों को उम्मीद है कि धान खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आएंगे। हालांकि, समर्थन मूल्य, खरीदी की तारीख या अन्य व्यवस्थाओं में किसी बदलाव को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों पर टिकी निगाहें
कैबिनेट बैठक को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में भी उत्सुकता है। महंगाई भत्ते (DA), सेवा संबंधी मांगों और अन्य लंबित मुद्दों पर संभावित चर्चा को लेकर कर्मचारी संगठनों की नजर सरकार के फैसलों पर रहेगी।
कर्मचारियों को उम्मीद है कि महंगाई भत्ते और उनकी दूसरी मांगों के संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय सामने आ सकता है। हालांकि, बैठक के एजेंडे में इन विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पटवारियों की हड़ताल का मुद्दा भी हो सकता है अहम
प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल का मुद्दा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्व से जुड़े कामकाज में पटवारियों की भूमिका अहम होती है। ऐसे में हड़ताल के कारण आम लोगों और किसानों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस विषय पर चर्चा की संभावना है।
यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष के बीच कोई सहमति बनती है, तो इसका असर राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ सकता है। फिलहाल किसी समाधान या फैसले को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
1 नवंबर से राज्योत्सव, तैयारियों पर भी चर्चा संभव
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 1 नवंबर से शुरू होना है। ऐसे में आयोजन की तैयारियां, कार्यक्रमों की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय कैबिनेट बैठक में चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
राज्योत्सव प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जाती हैं।
ऐसे में सरकार की ओर से आयोजन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
पिछली कैबिनेट बैठक में क्या हुए थे फैसले?
11 अक्टूबर को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें गृह विभाग में आरक्षकों के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित निर्णय शामिल था। इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया था।
इसके अलावा, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी।
पिछली बैठक के फैसलों के बाद अब आज होने वाली कैबिनेट बैठक से भी प्रदेश के विभिन्न वर्गों को उम्मीदें हैं।
आज की बैठक से किन फैसलों पर रहेगी नजर?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के दौरान मुख्य रूप से इन मुद्दों पर नजर रहेगी:
- खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी की तैयारियां।
- सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और सेवा संबंधी मांगें।
- पटवारियों की हड़ताल और राजस्व कामकाज से जुड़ी स्थिति।
- 1 नवंबर से शुरू होने वाले राज्योत्सव की तैयारियां।
- अन्य विभागीय प्रस्ताव और जनहित से जुड़े निर्णय।
