जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले की जांच को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पर सवाल उठाए हैं। बस्तर दौरे पर पहुंचे बघेल ने आरोप लगाया कि मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनसे अब तक अपेक्षित तरीके से पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब जांच ही पूरी तरह नहीं हुई तो अदालत के सामने सच कैसे आएगा।
भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम मामले में दरभा थाने में दर्ज FIR में कई धाराएं लगाई गई हैं, लेकिन जिन लोगों को मामले से जोड़कर देखा जा रहा है, उनसे पूछताछ और आगे की जांच को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने NIA की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
चश्मदीदों के बयान नहीं लिए जाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी हमले के दौरान मौके पर मौजूद रहे चश्मदीदों से भी जरूरी बयान नहीं लिए गए। उनके मुताबिक, घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र की संभावना की भी पर्याप्त जांच नहीं हुई। बघेल ने कहा कि यह हमला राजनीतिक और सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था, लेकिन इस दिशा में जांच एजेंसी ने अपेक्षित प्रगति नहीं की।
गुड़सा उसेंडी से पूछताछ का भी उठाया मुद्दा
भूपेश बघेल ने माओवादी संगठन से जुड़े रहे गुड़सा उसेंडी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में सरेंडर करने के बाद उससे झीरम मामले को लेकर पूछताछ किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बघेल के मुताबिक, यदि महत्वपूर्ण कड़ियों से पूछताछ ही नहीं होगी और जांच अधूरी रहेगी, तो अदालत के सामने पूरी तस्वीर कैसे पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि अदालत जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला करेगी।
‘झीरम का सच सामने नहीं आएगा’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और आम जनता लंबे समय से झीरम घाटी हमले की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा जांच के तरीके से घटना के पीछे का वास्तविक सच सामने आने की संभावना कम है।
क्या था झीरम घाटी हमला?
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी। इसी दौरान दरभा इलाके की झीरम घाटी में घात लगाकर बैठे माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला कर दिया था।
हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की मौत हुई थी। इनमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत कई नेता शामिल थे। हमले में सुरक्षा बलों के जवानों और अन्य लोगों की भी जान गई थी।
संगठन सृजन कार्यक्रम में शामिल होने बस्तर पहुंचे थे बघेल
भूपेश बघेल एक दिवसीय बस्तर प्रवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गणपति रिसोर्ट में आयोजित कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। नवनियुक्त पदाधिकारियों को रायपुर में प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बस्तर संभाग में प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 30 अगस्त से हुई। दूसरे दिन नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में ‘राजनीति का दर्द और धर्मनिरपेक्षता’ जैसे विषयों पर चर्चा और प्रशिक्षण रखा गया।
