छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर खुली बहस का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को डिबेट की चुनौती दी है। अंबिकापुर प्रवास के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि जिस तरह डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ खुली बहस हुई, उसी तरह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उनके साथ माइनिंग के मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर बहस करें।
इस दौरान भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव एक ही मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। साथ ही सरगुजा की सभी 14 सीटों पर जीत का दावा भी किया।
माइनिंग के मुद्दे पर डिबेट का चैलेंज
भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सीधे तौर पर बहस की चुनौती देते हुए कहा कि जिस तरह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके साथ डिबेट की, उसी तरह मुख्यमंत्री भी माइनिंग के मुद्दे पर खुली बहस करें।
अब भूपेश बघेल की इस चुनौती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया और उनका अगला कदम चर्चा का विषय बन गया है।
झीरम घाटी मामले पर भी उठाए सवाल
अंबिकापुर में भूपेश बघेल ने झीरम घाटी हमले को लेकर भी सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमले के पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है और जिन लोगों को वह दोषी मानते हैं, उन्हें सजा नहीं मिली।
भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
पीएम मोदी के बयानों पर भी किया कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने विदेश यात्राओं और तेल बचाने की अपील जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने कहा कि एक तरफ तेल बचाने की अपील की जाती है, जबकि दूसरी तरफ पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा लाखों दीये जलाए जाते हैं। उन्होंने विदेश यात्रा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
विजय शर्मा के साथ हो चुकी है लाइव डिबेट
बता दें कि 15 सितंबर को डिप्टी सीएम विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच प्रेस क्लब में लाइव डिबेट हुई थी। दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास के मुद्दे पर मीडिया के सामने खुली बहस हुई थी।
अब विजय शर्मा के साथ बहस के बाद भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को माइनिंग के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या मुख्यमंत्री साय इस चुनौती को स्वीकार करेंगे?
