CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। इस बीच प्रदेश में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। जानिए रायपुर समेत आपके जिले में कितनी बारिश हुई और किन जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी के संकेत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ने के संकेत दे रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
मौसम के इस बदलाव को छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है।
प्रदेश में सामान्य से 5.6 फीसदी ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी माना जाता है।
इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के कुल 14 जिलों में बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की गई है।
बारिश के मामले में कुछ जिलों ने इस सीजन में खासा अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ जिलों में अब भी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया है।
बलरामपुर में सामान्य से 71.1 फीसदी ज्यादा बारिश
प्रदेश में अब तक सबसे अधिक सामान्य से ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में दर्ज की गई है। यहां 26 सितंबर तक 1551.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है।
इसके अलावा नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
यानी इन जिलों में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर रहा है।
रायपुर में 41.6 फीसदी ज्यादा बारिश
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां भी इस मानसून सीजन में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज हुई है।
रायपुर में 26 सितंबर तक 1303.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले 41.6 फीसदी अधिक है।
इसी तरह गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
महासमुंद में भी सामान्य से 24.7 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 35 फीसदी ज्यादा रहा।
दुर्ग में भी सामान्य से ज्यादा बारिश
दुर्ग जिले में 1 जून से 26 सितंबर तक 963.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले 17.6 फीसदी अधिक है।
इससे साफ है कि प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में इस साल मानसून सामान्य से बेहतर रहा है।
इन जिलों में अब भी बारिश की कमी
जहां एक ओर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, वहीं कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं बीजापुर में सामान्य से 19.1 फीसदी कम बारिश हुई है।
सुकमा और बेमेतरा में सामान्य से 17.3 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कांकेर में भी सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।
सबसे कम बारिश वाले जिले
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: सामान्य से 20.3% कम
- बीजापुर: सामान्य से 19.1% कम
- सुकमा: सामान्य से 17.3% कम
- बेमेतरा: सामान्य से 17.3% कम
- कांकेर: सामान्य से 16.9% कम
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन कमजोर होने के संकेत दे रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में भी धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है और मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर कैसी रही मानसून की स्थिति?
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 1089.6 मिमी है। यानी प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक रही है।
रायपुर समेत कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बीजापुर, सुकमा, बेमेतरा और कांकेर जैसे जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
अब मानसून के कमजोर पड़ने और वापसी के संकेतों के बीच आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है।
