CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी ने लोगों को परेशान किया, लेकिन शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए। मुंगेली और बलरामपुर में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। हालांकि, प्रदेश में कहीं भी उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। ऐसे में गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में आज बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को शाम या रात के समय बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
रायपुर में बुधवार को तापमान 34 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दिन में गर्मी के बाद शाम के समय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
आज कहां-कहां हो सकती है बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक 7 अक्टूबर को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
खास बात यह है कि मौसम में यह बदलाव केवल एक दिन तक सीमित नहीं रह सकता। विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान भी इसी तरह की मौसमी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। यानी आने वाले तीन दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल, बूंदाबांदी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
राजनांदगांव में 35 डिग्री के पार पहुंचा पारा
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। हालांकि मुंगेली और बलरामपुर जिले में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
जाते-जाते फिर भिगाएगा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर आगे बढ़ रही है।
वहीं दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर ऊपर तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका भी बनी हुई है।
इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कुछ इलाकों में एक बार फिर बूंदाबांदी और हल्की बारिश गर्मी से राहत दे सकती है।
