राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने रायपुर में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में युवाओं को ईमानदारी, नैतिकता और सेवा-भाव अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी है।
Droupadi Murmu Chhattisgarh Visit: युवाओं को दिया विकसित भारत का मंत्र
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने 22 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं के सपने बड़े होने चाहिए, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव भी जुड़ा होना चाहिए।
राष्ट्रपति ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत प्रयासों को सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ें। उनके मुताबिक, राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। ऐसे में हर युवा को अपने काम में ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
Nuakhai Mahotsav: केवल त्योहार नहीं, हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने नुआखाई मिलन समारोह को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने, सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन-मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं।
उन्होंने नुआखाई पर्व के कृषि परंपरा से जुड़े महत्व को भी रेखांकित किया। राष्ट्रपति के अनुसार, यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक भी है। इसलिए अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवाओं से बोलीं राष्ट्रपति Droupadi Murmu- सपने बड़े रखें, लेकिन नैतिकता न छोड़ें
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हर युवा के भीतर कुछ नया करने, कुछ बेहतर बनाने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। परिस्थितियां और चुनौतियां भले ही अलग-अलग हों, लेकिन लक्ष्य देश और समाज की प्रगति में योगदान देना होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने विचारों को व्यापक बनाएं, श्रेष्ठ आचरण अपनाएं और समाज तथा राष्ट्र के प्रति सेवा-भाव बनाए रखें। उन्होंने ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा को जोड़ने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं के ये गुण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनका संदेश था कि व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।
महिलाओं को लेकर राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने क्या कहा?
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने महिलाओं से देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो इसका लाभ केवल उन्हें या उनके परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को मिलता है।
इसके साथ ही उन्होंने पुरुषों, खासकर युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा माहौल दें, जिसमें वे बिना किसी रुकावट के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह सम्मान लोगों की सोच, व्यवहार और रोजमर्रा के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।
Chhattisgarh News: नक्सलवाद से मुख्यधारा में लौटे युवाओं पर कही ये बात
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने छत्तीसगढ़ में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से राज्य के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और देश के विकास को भी गति मिल रही है।
राष्ट्रपति के संबोधन में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, समाज में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
विकसित भारत 2047 के लिए राष्ट्रपति का संदेश
राष्ट्रपति Droupadi Murmu के संबोधन का मुख्य संदेश था कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव होगा। युवाओं को ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ काम करना होगा, महिलाओं को समान अवसर देने होंगे और समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी।
राष्ट्रपति ने युवाओं को याद दिलाया कि उनके छोटे-छोटे ईमानदार प्रयास भी देश की बड़ी उपलब्धियों का आधार बन सकते हैं। यही सोच वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
