Raipur Fraud Case: राजधानी रायपुर में ठगों ने धर्म और अंधविश्वास की आड़ में एक बड़े खेल को अंजाम दिया है। साधु-बाबा का भेष बदलकर बीमारी ठीक करने और घरेलू समस्याओं के समाधान का झांसा देकर एक परिवार से करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी ठगने का मामला सामने आया है। गंज थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी एक आरोपी और एक नाबालिग को दबोच लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह सनसनीखेज मामला रायपुर के फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स का है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2026 में तीन अज्ञात व्यक्ति साधु के वेश में पीड़ित के घर पहुंचे थे। आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी की बीमारी, आंखों की परेशानी और घरेलू समस्याओं का जिक्र कर उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद पूजा-पाठ के बहाने पहले सोने की अंगूठी और नकदी ले ली। इसके 10-12 दिन बाद आरोपी दोबारा आए और पूजा के बाद जेवर लौटाने का झांसा देकर सोने की चेन समेत अन्य कीमती आभूषण भी अपने साथ ले गए।
जान से मारने और अनिष्ट का दिखाया डर
ठग इतने शातिर थे कि उन्होंने परिवार को डराया कि अगर इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो उनके घर में बड़ा अनिष्ट हो जाएगा और सदस्यों की मौत तक हो सकती है। इसके बाद 7 सितंबर 2026 से आरोपी लगातार फोन करके और अधिक नकदी और जेवरात की मांग करने लगे। तब जाकर पीड़ित परिवार को शक हुआ कि उनके साथ बड़ी ठगी हुई है। आरोपियों ने न तो कोई पूजा-पाठ कराया और न ही जेवर वापस किए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गंज थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू और एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को पकड़ लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- करीब 3 लाख रुपये कीमत के 17 ग्राम सोने के आभूषण
- वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेजी से जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने छत्तीसगढ़ या अन्य जगहों पर इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि बीमारी, घरेलू कलह या किसी भी समस्या के समाधान के नाम पर किसी अनजान साधु या बहुरुपिये के झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने कीमती जेवर, पैसे या घर की गोपनीय बातें न सौंपें।
