Raipur Gangrape Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आठवीं की एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। आरोपियों की धमकी के कारण पीड़िता एक महीने तक चुप रही, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर खौफनाक सच सामने आया।
राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में 13 साल की एक नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। आरोपियों की जान से मारने की धमकी और डर के चलते पीड़िता ने इस घटना की जानकारी एक महीने तक किसी को नहीं दी। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में जब अचानक बालिका की तबीयत बिगड़ी और उसे चक्कर आने लगे, तब परिजनों द्वारा पूछताछ करने पर उसने आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया है।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
घटना का दिन: यह सनसनीखेज वारदात 25 सितंबर की है, जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता अपनी सहेली से मिलने उसके घर गई थी।
अकेला पाकर किया घिनौना कृत्य: घर पर सहेली के न मिलने पर उसके भाई और एक अन्य नाबालिग ने बालिका को अकेला पाकर उसे धमकाया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
धमकी और खामोशी: आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे डरकर सहमी बालिका चुपचाप अपने घर लौट आई थी।
तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलासा: एक महीने बीत जाने के बाद अक्टूबर के अंत में जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे चक्कर आने लगे, तब परिवार ने कड़ाई से पूछताछ की और पूरा सच सामने आया
पुलिस की कार्रवाई और पृष्ठभूमि
पीड़िता के परिजनों ने तुरंत विधानसभा थाने पहुंचकर इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और संबंधित धाराओं के तहत तुरंत अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों (जिनकी उम्र 14 और 16 वर्ष है) को हिरासत में लिया। विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता और दोनों आरोपियों के माता-पिता मजदूरी का काम करते हैं और सुबह काम पर निकल जाते हैं।
