Baloda Bazar Crime: एक कार में गांजे की खेप और दूसरी कार में सवार लोग पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे! छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में तस्करी के इस कथित तरीके का खुलासा सिमगा पुलिस की कार्रवाई में हुआ है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 लाख रुपये से ज्यादा की सामग्री जब्त की है। आखिर नाकेबंदी के दौरान क्या हुआ और कौन-कौन गिरफ्तार हुए? जानिए पूरी खबर।
एक कार में गांजा, दूसरी से हो रही थी रेकी
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिमगा पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 30 किलो 430 ग्राम गांजा, दो कारें और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 25 लाख 41 हजार 500 रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहे थे। तस्करी के दौरान एक कार में गांजे की खेप रखी गई थी, जबकि दूसरी कार आगे चलकर रेकी कर रही थी। पुलिस अब इस मामले में गांजे के स्रोत और खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने की नाकेबंदी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को सिमगा पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद स्विफ्ट कार क्रमांक UP 70 GE 3782 में गांजा भरकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। इस तस्करी में बलेनो कार क्रमांक UP 70 GN 5538 भी इस्तेमाल की जा रही थी, जो आगे चलकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
सूचना के आधार पर पुलिस ने सिमगा ओवरब्रिज और राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर नाकेबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालकों ने रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास किया।
डिवाइडर से टकराई स्विफ्ट कार, सात आरोपी पकड़े गए
पुलिस टीम ने दोनों वाहनों का पीछा किया। इसी दौरान ग्राम दामाखेड़ा स्थित खुशी वाटिका के पास स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों कारों में सवार सात आरोपियों को पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद वाहनों की तलाशी ली गई, जिसमें गांजे की खेप और अन्य सामग्री बरामद हुई।
25 लाख 41 हजार रुपये से ज्यादा की सामग्री जब्त
सिमगा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के साथ दो कारें और छह एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य इस प्रकार है:
- गांजा: 30 किलो 430 ग्राम, कीमत लगभग 15 लाख 21 हजार 500 रुपये।
- स्विफ्ट कार: लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये।
- बलेनो कार: लगभग 6 लाख रुपये।
- छह एंड्रॉइड मोबाइल फोन: लगभग 70 हजार रुपये।
- कुल जब्ती: 25 लाख 41 हजार 500 रुपये।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर दो कारों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहे थे। एक वाहन में गांजा रखा गया था और दूसरा वाहन आगे चलकर रेकी कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में सभी उत्तर प्रदेश के निवासी
पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- विनीत कुमार भारती (29) — थाना लालापुर क्षेत्र, जिला प्रयागराज।
- करन कनौजिया (23) — थाना लालापुर क्षेत्र, जिला प्रयागराज।
- सुनील कुमार भारती (22) — थाना लालापुर क्षेत्र, जिला प्रयागराज।
- सुखलेन्द्र कुमार नट (35) — थाना लालापुर क्षेत्र, जिला प्रयागराज।
- राजेंद्र गुप्ता (42) — थाना लालापुर क्षेत्र, जिला प्रयागराज।
- शिवशंकर बिन्द (26) — पावरी, थाना घूरपुर, जिला प्रयागराज।
- अनिल कुमार बिन्द (39) — पावरी, थाना घूरपुर, जिला प्रयागराज।
पत्रकार के सहायक और ग्रामीण चिकित्सक के रूप में जुड़े होने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों में से एक स्थानीय स्तर पर पत्रकार के सहायक के रूप में जुड़ा हुआ था, जबकि दूसरा कथित ग्रामीण चिकित्सक के तौर पर काम करता था। पुलिस का आरोप है कि गिरोह के सदस्य अपनी पहचान और संपर्कों की आड़ लेकर जांच से बचने का प्रयास करते थे।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना सिमगा में अपराध क्रमांक 466/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
अब पुलिस गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, प्रयागराज में इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच कर रही है।
