मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में कोर्ट ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों ने हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की थी। सजा सुनाए जाने से पहले कोर्ट में दोनों ने अपने परिवार की चिंता जताई और रोने लगे। रविता ने अपने तीन बच्चों की देखभाल की गुहार लगाई, जबकि अमरदीप ने बुजुर्ग माता-पिता का ख्याल रखने की बात कही।
जज से बोले- बच्चों और माता-पिता का ध्यान रखा जाए
सजा पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद रविता और अमरदीप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। जज ने दोनों से पूछा कि हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद वे सजा के संबंध में क्या कहना चाहते हैं।
रविता ने कहा कि उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और उनकी देखभाल की जाए। वहीं, अमरदीप ने अपने बूढ़े माता-पिता का हवाला देते हुए उनकी सेवा और देखभाल की व्यवस्था करने की अपील की। अपनी बात रखते हुए दोनों भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चों की देखभाल के संबंध में कोर्ट ने मेरठ के जिलाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी।
गला घोंटकर की थी पति की हत्या
मामला 17 अप्रैल 2025 की रात का है। आरोप के मुताबिक, रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया।
शुरुआत में घटना सांप के डसने से मौत जैसी दिखाई गई, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान सपेरों ने भी बताया कि सांप के दांत नहीं थे, इसलिए उसके काटने से मौत होने की आशंका नहीं थी। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
60 दिन में दाखिल हुई चार्जशीट
पुलिस ने हत्या के करीब 60 दिन बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत में हुई। करीब 551 दिनों के दौरान 87 तारीखें पड़ीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
7 अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा पर सुनवाई हुई और दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया। मामले में तीन बच्चों के भविष्य और उनकी देखभाल का मुद्दा भी कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सामने आया।
