Vrindavan Gurukul Accident: 220 गज के भवन में 100 से ज्यादा छात्र… चार मौतों के बाद गुरुकुल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Vrindavan Gurukul Accident: चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में मंगलवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे में चार छात्रों की मौत के बाद अब प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से संचालित इस गुरुकुल के करीब 220 वर्ग गज के भवन में 100 से अधिक छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद अब सुरक्षा मानकों, पंजीकरण और छात्रों से कराए जाने वाले कार्यों समेत कई व्यवस्थाओं की जांच की बात सामने आ रही है।
चार छात्रों की मौत के बाद उठे सवाल
Vrindavan Gurukul Accident में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची और साक्ष्य जुटाए गए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने छात्रों के रहने वाले इस गुरुकुल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की पहले से जांच क्यों नहीं की गई। खासकर ऐसे समय में जब दिल्ली और लखनऊ में आगजनी की घटनाओं के बाद शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता की बात सामने आई थी।
Vrindavan Gurukul Accident के बाद प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
बताया गया कि दिल्ली और लखनऊ की घटनाओं के बाद कई छात्रावासों और शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। हालांकि, महर्षि पाणिनि गुरुकुल प्रशासनिक निरीक्षण से अछूता रहा।
ऐसे में Vrindavan Gurukul Accident के बाद यह सवाल उठ रहा है कि गुरुकुल में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की थी। अगर समय रहते व्यवस्थाओं की जांच की जाती, तो सुरक्षा से जुड़ी किसी संभावित कमी का पता चल सकता था। फिलहाल हादसे के बाद जिलाधिकारी की ओर से जांच की बात कही गई है।
एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
Vrindavan Gurukul Accident के बाद देर रात करीब 12 बजे एसएसपी श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों का होगा वैरीफिकेशन
एसएसपी ने गुरुकुल में रह रहे सभी छात्रों से अपने परिजनों को हादसे की जानकारी देने को कहा। साथ ही पुलिस को वहां रह रहे सभी छात्रों का वैरीफिकेशन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि उन्होंने विज्ञापन देखकर गुरुकुल में दाखिला लिया था। अब प्रशासन छात्रों के वैरीफिकेशन के साथ गुरुकुल की अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच करेगा।
हादसे के बाद कई सवालों के जवाब तलाश रहा प्रशासन
चार छात्रों की मौत के बाद जांच का दायरा सिर्फ हादसे की वजह तक सीमित नहीं है। गुरुकुल में छात्रों के रहने की व्यवस्था, सुरक्षा मानक, पंजीकरण और प्रशासनिक निगरानी जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
अब देखना होगा कि जांच में गुरुकुल की व्यवस्थाओं और हादसे से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी तय होने के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
