कवर्धा। भगवान भोलेनाथ की भव्य पालकी यात्रा के दौरान मारपीट और दहशत फैलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कबीरधाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। वायरल वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें कुल 10 लोगों की पहचान हुई। इनमें 8 नाबालिग और 2 बालिग युवक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त को पालकी यात्रा के दौरान कुछ युवकों द्वारा शहर में लड़ाई-झगड़ा और मारपीट की गई। इसके बाद घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए संदिग्धों की पहचान शुरू की और उनसे पूछताछ की।
8 नाबालिगों के परिजनों को दी गई हिदायत
पुलिस ने नाबालिगों के परिजनों को समझाइश देते हुए भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न होने देने की सख्त हिदायत दी। परिजनों ने अपने बच्चों की ओर से घटना के लिए क्षमा मांगी और जिलेवासियों से भी माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने देने का आश्वासन दिया।
2 बालिग युवकों पर वैधानिक कार्रवाई
मामले में शिवा दुबे (21), निवासी मठपारा, कवर्धा और दीपराज पाली (19), निवासी पालीपारा, कवर्धा के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल और उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला के दिशा-निर्देश में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक लालजी सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
कबीरधाम पुलिस ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक स्थानों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, मारपीट करने या भय-दहशत का माहौल बनाने वाले कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस की निगरानी जारी है।
पुलिस ने जिलेवासियों से धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग करने तथा विवाद, अफवाह या आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
बाइट: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने दी पूरे मामले की जानकारी
