Neha Pachisia समेत तीनों आरोपितों की तलाश तेज, विदेश जाने पर रोक; अग्रिम जमानत पर शनिवार को होगी सुनवाई
Katni News: कटनी में जमीन सौदे और हत्या के आरोपित को बचाने के मामले में निलंबित CSP Neha Pachisia की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार चल रहीं नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने Neha Pachisia, उनके करीबी क्षितिज राज बारापात्रे और जमीन अपने नाम कराने वाले मारुफ अहमद हनफी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। साथ ही तीनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
तीनों की तलाश में जुटी पुलिस
मामले की जांच के लिए जबलपुर आईजी के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपित फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद तीनों के देश से बाहर जाने पर भी रोक लग गई है। पुलिस ने एयरपोर्ट समेत संबंधित एजेंसियों को भी अलर्ट किया है, ताकि आरोपित देश छोड़कर बाहर न जा सकें।
10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने Neha Pachisia, क्षितिज राज बारापात्रे और मारुफ अहमद हनफी की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अब तीनों की तलाश के साथ उनके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी भी जुटा रही है।
गुरुवार को SIT की टीम मारुफ अहमद के निवास पर भी पहुंची थी, लेकिन वहां ताला लगा मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों की तलाश और तेज कर दी है।
गिरफ्तारी से बचने कोर्ट पहुंचे आरोपित
इधर निलंबित CSP Neha Pachisia और उनके करीबी क्षितिज राज बारापात्रे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय का रुख किया है। दोनों की ओर से जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया गया है।
मंगलवार को विशेष न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब मामले में आगे की सुनवाई शनिवार को होगी।

सील कार्यालय की जांच भी अहम
मामले की जांच के दौरान SIT को निलंबित CSP Neha Pachisia के सील किए गए कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की जांच करनी है। हालांकि पिछले तीन दिनों से SIT की टीम कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के लिए नहीं पहुंची है।
जांच एजेंसी का फोकस जमीन की खरीद-फरोख्त, आरोपितों के बीच कथित संबंध और हत्या के मामले में आरोपित को बचाने के लिए किए गए कथित प्रयासों से जुड़े तथ्यों को सामने लाने पर है।
गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई राज
फिलहाल पुलिस तीनों फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है। मामले में लुकआउट नोटिस और इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरार चल रहे तीनों आरोपित कब पुलिस की गिरफ्त में आते हैं और पूछताछ के बाद इस पूरे मामले से जुड़े कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।
