Ambikapur के दर्रीपारा में देर रात कांग्रेस नेता गुरुप्रीत सिंह सिद्धू के घर में घुसकर हमला, आंख में गंभीर चोट; भाजपा नेता प्रकाश साहू ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
घर में घुसे बदमाश, कांग्रेस नेता पर हमला
छत्तीसगढ़ के Ambikapur में कांग्रेस नेता पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। शनिवार देर रात मणिपुर थाना क्षेत्र के दर्रीपारा इलाके में करीब 15 से 20 बदमाशों के कांग्रेस नेता गुरुप्रीत सिंह सिद्धू के घर में घुसने की बात सामने आई है। आरोप है कि बदमाशों ने घर के अंदर उनके साथ जमकर मारपीट की, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि हमले में कांग्रेस नेता की आंख में गंभीर चोट आई है। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हमले की वजह के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पुरानी राजनीतिक रंजिश का एंगल
गुरुप्रीत सिंह सिद्धू को पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का करीबी बताया जाता है। ऐसे में घटना के पीछे पुरानी राजनीतिक रंजिश का एंगल भी सामने आया है। हालांकि, हमले की वास्तविक वजह क्या है और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कांग्रेस नेता गुरुप्रीत सिंह सिद्धू ने हमले के पीछे भाजपा नेता प्रकाश साहू का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है। सिद्धू का कहना है कि सोशल मीडिया पर भाजपा नेता के खिलाफ किए जा रहे पोस्ट को लेकर उनके ऊपर शक किया जा रहा था। इसी वजह से भाजपा नेता के समर्थक उनके घर पहुंचे और पहले गाली-गलौज की, जिसके बाद मारपीट शुरू कर दी।
सिद्धू के मुताबिक हमलावर घर के अंदर भी घुस गए और वहां उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पहले उन्होंने आईजी को अपनी जान को खतरा होने की जानकारी दी थी। कांग्रेस नेता ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया है।
भाजपा नेता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं भाजपा नेता प्रकाश साहू ने कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। प्रकाश साहू का कहना है कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे और वारदात को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उनसे पुरानी राजनीतिक रंजिश रखते हैं और उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। साहू के मुताबिक उन्होंने पहले ही आईजी को आवेदन देकर आशंका जताई थी कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वार्ड चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उनके खिलाफ इस तरह का प्रोपेगेंडा किया जा रहा है। ऐसे में अब दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
Ambikapur पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हमले में शामिल लोगों की पहचान, घटना के पीछे की वजह और राजनीतिक रंजिश के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वारदात के पीछे कौन लोग थे और हमले की असली वजह क्या थी।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सतर्क है। अब इस मामले में पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है, इस पर सभी की नजर है।
