छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रविवार को कथित चंगाई सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के टिकरापारा में एक किराए के मकान में चंगाई सभा आयोजित किए जाने की सूचना मिलने के बाद हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा का विरोध किया।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चंगाई सभा की आड़ में लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। विरोध के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
40 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा
हिंदू जागरण मंच के मुताबिक, टिकरापारा स्थित मकान में बाहर से लोगों को बुलाकर सभा आयोजित की जा रही थी। संगठन का दावा है कि कार्यक्रम में 40 से अधिक लोग मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सभा के जरिए लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया जा रहा था।
हालांकि, धर्मांतरण से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सभा में वास्तव में किस तरह की गतिविधियां हो रही थीं।
पुलिस पहुंची तो हुई तीखी बहस
मौके पर भीड़ बढ़ने और स्थिति तनावपूर्ण होने की सूचना के बाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी तीखी बहस हुई।
संगठन ने पुलिस पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले में समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए थी।
पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि मकान में आयोजित सभा में किस तरह की गतिविधियां हुईं, आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और हिंदू संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हिंदू जागरण मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर हिंदू जागरण मंच ने कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने पुलिस और प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच पर नजर रहेगी। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि टिकरापारा में आयोजित सभा में वास्तव में क्या गतिविधियां हुई थीं और लगाए गए धर्मांतरण के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
