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Delhi Building Collapse में छत्तीसगढ़ के छात्र की मौत, हादसे से पहले दोस्त से फोन पर कर रहा था बात

Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय युवराज सोनी की मौत, हादसे से कुछ पल पहले बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर कर रहा था बात

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग के एक परिवार को गहरा सदमा दिया है। इस हादसे में दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित एक बॉयज पीजी में रहता था। सबसे दर्दनाक बात यह है कि हादसे से महज कुछ पल पहले ही वह अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था।

छुट्टियां खत्म कर तीन दिन पहले ही लौटा था दिल्ली

युवराज सोनी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग का रहने वाला था। पढ़ाई के सिलसिले में वह दिल्ली में रह रहा था। बताया गया है कि छुट्टियों के दौरान वह अपने घर दुर्ग आया हुआ था और महज तीन दिन पहले ही वापस दिल्ली लौटा था।

परिवार और दोस्तों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि दिल्ली लौटने के कुछ ही दिनों बाद युवराज के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा। वह मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर का छात्र था और सत्य निकेतन के एक बॉयज पीजी में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था।

आखिरी फोन कॉल में अचानक सुनाई दी तेज गड़गड़ाहट

Delhi Building Collapse हादसे से पहले युवराज अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। दोनों एक ही गांव से ताल्लुक रखते हैं और बचपन से दोस्त थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच कहीं घूमने जाने का प्लान बन रहा था।

इसी दौरान अचानक फोन पर एक तेज और भयावह गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आर्यन घबरा गया। उसने तुरंत युवराज से पूछा- ‘हेलो… हेलो… तू ठीक है?’ लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

आर्यन लगातार युवराज को आवाज देता रहा, लेकिन फोन के दूसरी तरफ खामोशी छा चुकी थी। करीब एक मिनट बाद कॉल कट गई। उस वक्त आर्यन को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसने अपने दोस्त से जो आखिरी बातचीत की है, उसके कुछ ही पल बाद एक बड़ा हादसा हो चुका है।

खबर मिलते ही घटनास्थल पहुंचा दोस्त

युवराज के फोन करने का इंतजार आर्यन लगातार करता रहा। लेकिन जब कुछ समय बाद उसे सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर मिली तो उसके होश उड़ गए। उसे आशंका हुई कि कहीं उसका दोस्त भी इस हादसे की चपेट में तो नहीं आ गया।

आर्यन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। वहां राहत और बचाव का काम चल रहा था। वह लगातार युवराज के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करता रहा। हादसे के बाद की स्थिति और अपने दोस्त की कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण उसकी बेचैनी लगातार बढ़ती गई।

एम्स ट्रामा सेंटर से मिली दोस्त की मौत की खबर

घंटों तक तलाश और भटकने के बाद आर्यन को एम्स ट्रामा सेंटर से वह खबर मिली, जिसका उसे सबसे ज्यादा डर था। अस्पताल से जानकारी मिली कि जिस दोस्त से वह कुछ देर पहले फोन पर बात कर रहा था, उसकी इस हादसे में मौत हो चुकी है।

आर्यन के लिए यह किसी बड़े सदमे से कम नहीं था। जिस दोस्त के साथ कुछ देर पहले घूमने जाने का प्लान बनाया था, उसकी मौत की खबर कुछ ही घंटों बाद सामने आ गई। आर्यन ने बताया कि फोन पर सुनाई दी वह अचानक गड़गड़ाहट और उसके बाद छाई खामोशी उसके जेहन में बार-बार गूंज रही है।

परिवार को सूचना देने की चुनौती

युवराज के परिवारवाले भी लगातार उसे फोन कर उसकी कुशलता जानने की कोशिश कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा दिल्ली में सुरक्षित होगा और जल्द ही फोन पर उनसे बात करेगा। लेकिन हादसे के बाद जब युवराज की मौत की जानकारी सामने आई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

दुर्ग के रहने वाले युवराज और आर्यन के बीच बचपन से दोस्ती थी। दोनों एक ही गांव से जुड़े हुए थे। ऐसे में आर्यन के लिए अपने दोस्त को इस तरह खोना बेहद भावुक कर देने वाला है।

कुछ मिनटों में बदल गई पूरी जिंदगी

युवराज की कहानी इस हादसे की भयावहता को और गहरा कर देती है। छुट्टियां बिताकर वह सिर्फ तीन दिन पहले ही अपने घर से दिल्ली लौटा था। हादसे से कुछ क्षण पहले वह अपने दोस्त से सामान्य बातचीत कर रहा था और दोनों घूमने जाने की योजना बना रहे थे।

लेकिन एक तेज गड़गड़ाहट के बाद फोन पर अचानक छाई खामोशी ने सब कुछ बदल दिया। कुछ घंटों बाद उसी दोस्त को अपने साथी की मौत की खबर एम्स ट्रामा सेंटर से मिली।

सत्य निकेतन का यह हादसा न सिर्फ युवराज के परिवार के लिए बल्कि उसके दोस्तों और परिचितों के लिए भी गहरे सदमे की वजह बन गया है। एक युवा छात्र, जो बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था, अचानक इस दुनिया से चला गया।

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