बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद और झड़प के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही क्षेत्र में सभा, रैली, जुलूस और प्रदर्शन समेत कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला सहित किसी भी तरह के हथियार लेकर चलने पर रोक रहेगी। हालांकि सरकारी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों, लाठी के सहारे चलने वाले बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों और धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वालों को इससे छूट दी गई है।
चार से अधिक लोगों के जुटने पर भी रोक
बिना प्रशासनिक अनुमति के सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल आयोजित नहीं की जा सकेगी। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन को इस आदेश से बाहर रखा गया है। किसी आयोजन के लिए संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।
तोड़फोड़ और सड़क जाम करने पर भी सख्ती
प्रशासन ने सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने, सड़क पर जाम लगाने और लोगों में भय या दहशत का माहौल पैदा करने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई है। धारा 144 के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंस्टाग्राम कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में किए गए विवादित कमेंट को लेकर मामला शुरू हुआ था। इसके बाद सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी भी की गई, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालात को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
वहीं विधायक सुशांत शुक्ला समेत स्थानीय नागरिक भी थाने पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक कर युवाओं को समझाइश दी और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
