CG BJP Leader Daughter Missing in Nepal: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ की तबाही के बाद करीब 80 लोगों के दल से संपर्क टूटा, अंबिकापुर के भाजपा नेता करताराम गुप्ता की बेटी हैं डॉ. मीना
CG BJP Leader Daughter Missing in Nepal: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इसी त्रासदी के बीच छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। वरिष्ठ भाजपा नेता करताराम गुप्ता की बेटी और इंग्लैंड में चर्म रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहीं डॉ. मीना गुप्ता नेपाल में लापता बताई जा रही हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद अपने दल के साथ नेपाल-तिब्बत सीमा पहुंचीं डॉ. मीना से हादसे के बाद से संपर्क नहीं हो पाया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद बढ़ी मुश्किल
जानकारी के अनुसार डॉ. मीना गुप्ता करीब 80 लोगों के एक दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। बताया जा रहा है कि 23 अगस्त के आसपास यात्रा पूरी करने के बाद दल नेपाल-तिब्बत सीमा की ओर पहुंचा था। 26 अगस्त को दल के सदस्य इमिग्रेशन संबंधी औपचारिकताओं के लिए कार्यालय पहुंचे थे।
इसी दौरान अचानक आई बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ की चपेट में वहां स्थित तीन मंजिला इमारत भी आ गई। इस घटना के बाद डॉ. मीना गुप्ता समेत दल के कई सदस्यों से संपर्क टूट गया। नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
रक्षाबंधन पर बेटी से मिलने की थी उम्मीद
डॉ. मीना के पिता और वरिष्ठ भाजपा नेता करताराम गुप्ता इस समय दिल्ली में हैं। परिवार के मुताबिक, रक्षाबंधन के मौके पर उन्हें अपनी बेटी से मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले ही नेपाल से आई इस खबर ने पूरे परिवार को चिंता में डाल दिया।
बताया जा रहा है कि डॉ. मीना ने अपने पिता को भी कैलाश मानसरोवर यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन वे उनके साथ नहीं जा सके। अब परिवार उनकी सकुशल वापसी की खबर का इंतजार कर रहा है।
डॉ. मीना की बड़ी बहन ने बताया कि यात्रा के दौरान मीना ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें मानसरोवर के दर्शन भी कराए थे। परिवार के लिए ये यादें अब चिंता और बेचैनी के बीच उम्मीद का सहारा बनी हुई हैं।

इंग्लैंड में चर्म रोग विशेषज्ञ हैं डॉ. मीना
डॉ. मीना गुप्ता की प्रारंभिक शिक्षा अंबिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल से हुई है। चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के बाद वे इंग्लैंड में चर्म रोग विशेषज्ञ के तौर पर सेवाएं दे रही हैं।
परिवार के अनुसार वह 14 अगस्त को दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद आध्यात्मिक गुरु के साथ करीब 80 लोगों के दल में काठमांडू के लिए रवाना हुईं और फिर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं।
परिवार को हर संभव मदद का भरोसा
डॉ. मीना के नेपाल में लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मदद के प्रयास शुरू हो गए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. मीना के पिता करताराम गुप्ता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।
मंत्री ने केंद्र सरकार के संपर्क में रहते हुए परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। परिवार की सबसे बड़ी चिंता फिलहाल यही है कि किसी तरह डॉ. मीना से संपर्क स्थापित हो और उनकी सुरक्षित होने की जानकारी मिल सके।
बाढ़ की त्रासदी के बीच अपनों की तलाश
नेपाल-तिब्बत सीमा पर प्राकृतिक आपदा के बाद कई लोगों के संपर्क में नहीं होने की खबरों ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अंबिकापुर के गुप्ता परिवार की नजर भी लगातार किसी सकारात्मक खबर पर टिकी हुई है।
एक बेटी जो रक्षाबंधन पर परिवार के बीच लौटने वाली थी, आज उसके परिजन उसकी सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं। अब परिवार और शुभचिंतकों की उम्मीद यही है कि डॉ. मीना गुप्ता जल्द सुरक्षित मिलें और अपने घर वापस लौटें।
