Raipur Murder Case: करोड़ रुपए की जमीन बिकते ही एक परिवार में ऐसा खूनी संघर्ष छिड़ा कि दामाद ही जल्लाद बन बैठा! दावत के बहाने बुलाकर ससुर को शराब पिलाई गई और फिर जीआई तार से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। शातिर आरोपी लाश को ठिकाने लगाने ही वाले थे कि अचानक पुलिस की एंट्री से हड़कंप मच गया। आखिर कैसे रचे गए इस खौफनाक षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ? आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली पूरी घटना की अंदरूनी कहानी…
Raipur Murder Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जमीन के पैसों के लालच में एक बड़े दामाद ने अपने ही ससुर को मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका प्लान फेल हो गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी दामाद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना छत्तीसगढ़ के रायपुर-बिलासपुर रोड पर धरसीवां थाना क्षेत्र के परसतराई और उरला थाना इलाके की है। गुरुवार को परसतराई इलाके में एक टाटा मैजिक वाहन के अंदर एक शख्स का संदिग्ध अवस्था में शव मिला था। मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी 46 वर्षीय मोहन निषाद के रूप में हुई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मोहन निषाद की हत्या उनके बड़े दामाद हेमराज निषाद ने अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद के साथ मिलकर की है। धरसीवां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों आरोपियों को धर दबोचा। चूंकि घटना उरला थाना क्षेत्र की थी, इसलिए धरसीवां पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए तीनों आरोपियों को उरला पुलिस के हवाले कर दिया।
एक करोड़ की जमीन बनी मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक मोहन निषाद ने हाल ही में लगभग एक करोड़ रुपये की जमीन बेची थी। इस मोटी रकम पर उनके बड़े दामाद हेमराज की बुरी नजर थी और वह लगातार पैसों में हिस्से की मांग कर रहा था। इसी बात को लेकर पिछले महीने भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जो धीरे-धीरे इतनी बड़ी रंजिश बन गया कि दामाद ने खूनी खेल खेलने की ठान ली।
पार्टी के बहाने बुलाया और घोंट दिया गला
गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से मोहन निषाद ने अपने दामाद हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। पार्टी के दौरान मोहन निषाद ने जमकर शराब पी ली और जब वे पूरी तरह नशे में धुत हो गए, तो ससुर और दामाद के बीच फिर से पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी हेमराज ने कथित रूप से जीआई तार (GI Wire) से गला घोंटकर अपने ससुर मोहन निषाद की हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने का शातिर प्लान बनाया।
शव को फेंकने जा रहे थे नदी, पुलिस को देख भागे
हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पार्टी में शामिल एक अन्य व्यक्ति के जरिए टाटा मैजिक वाहन बुक किया गया। इसके बाद शव को चादर में लपेटकर वाहन में डाला गया और आरोपी उसे खारुन नदी में फेंकने के लिए परसतराई की ओर ले जा रहे थे।
इसी दौरान गश्त या चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर संदिग्ध वाहन पर पड़ गई। पुलिस को अपनी ओर आते देख तीनों आरोपी घबरा गए और गाड़ी वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद वे बस पकड़कर बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिपकर रहने लगे। हालांकि, पुलिस के लगातार दबाव और दबिश के आगे आखिरकार मुख्य आरोपी हेमराज ने सरेंडर कर दिया।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
