KBC 18 में छत्तीसगढ़ के टीचर ने जीते ₹12.5 लाख
KBC 18 में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी शिक्षक दुर्गा प्रसाद साही ने शानदार खेल दिखाते हुए ₹12.5 लाख की रकम जीत ली। हॉट सीट पर पहुंचने के बाद उन्होंने लगातार सवालों के सही जवाब दिए और अपनी समझदारी से आगे बढ़ते रहे। हालांकि, ₹25 लाख के सवाल पर पहुंचने के बाद उन्होंने जोखिम नहीं लिया और गेम क्विट करने का फैसला किया।
दुर्गा प्रसाद के सामने ₹25 लाख के लिए ऐसा सवाल आया, जिसका जवाब उन्हें मालूम नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी जीती हुई रकम को दांव पर लगाने के बजाय खेल छोड़ना बेहतर समझा और ₹12.5 लाख लेकर KBC से बाहर हुए।
₹25 लाख के सवाल में एनाकोंडा और घड़ियाल के बीच उलझे
₹25 लाख के लिए दुर्गा प्रसाद से पूछा गया था-
इनमें से किस रेंगने वाले जीव की ज्यादातर प्रजातियां अंडे देने के बजाय सीधे बच्चों को जन्म देती हैं?
- (A) कोमोडो ड्रैगन
- (B) एनाकोंडा
- (C) घड़ियाल
- (D) गैलापागोस कछुआ
दुर्गा प्रसाद को इस सवाल का सही जवाब पता नहीं था। इसलिए उन्होंने गेम छोड़ दिया। गेम क्विट करने के बाद अमिताभ बच्चन ने उनसे अंदाजा लगाने को कहा। इस पर दुर्गा प्रसाद ने घड़ियाल को अपना जवाब बताया।
हालांकि, उनका अंदाजा गलत निकला। इस सवाल का सही जवाब एनाकोंडा था।
एनाकोंडा का बच्चों को जन्म देने से क्या है कनेक्शन?
एनाकोंडा ओवोविविपेरस होते हैं। आसान भाषा में समझें तो इनके अंडे मां के शरीर के अंदर ही विकसित होते हैं और वहीं से बच्चे बाहर निकलते हैं। ग्रीन एनाकोंडा का गर्भकाल करीब छह से सात महीने का होता है और यह एक बार में लगभग 20 से 40 बच्चों को जन्म दे सकता है।
वहीं, येलो एनाकोंडा एक बार में 80 तक बच्चों को जन्म दे सकता है। यही वजह है कि ₹25 लाख के सवाल में एनाकोंडा सही विकल्प था।
क्रिकेट के शौक ने पहुंचाया सट्टेबाजी तक
KBC 18 में सिर्फ सवाल-जवाब ही नहीं हुए, बल्कि दुर्गा प्रसाद साही ने अपनी जिंदगी के एक मुश्किल दौर की कहानी भी अमिताभ बच्चन के साथ साझा की।
दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उन्हें शुरुआत से क्रिकेट में दिलचस्पी थी। क्रिकेट के स्कोर का अंदाजा लगाने के शौक के दौरान दोस्तों के साथ उन्होंने छोटी रकम से सट्टेबाजी शुरू की। शुरुआत में रकम महज 10-20 रुपये हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे यही शौक जुए की लत में बदल गया।
समय के साथ उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। वह पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज लेने लगे। कई बार उन्हें 50 हजार रुपये जैसी बड़ी रकम भी उधार लेनी पड़ी। देखते ही देखते छोटी रकम से शुरू हुआ यह सिलसिला करीब ₹10 लाख के कर्ज तक पहुंच गया।
खुद पर शर्म आने लगी थी
अमिताभ बच्चन से बातचीत के दौरान दुर्गा प्रसाद ने स्वीकार किया कि उन्होंने जिंदगी में शॉर्टकट अपनाने की कोशिश की थी। जुए की लत का असर सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति पर ही नहीं पड़ा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान होना पड़ा।
उन्होंने बताया कि उनके परिवार को भी उनकी परेशानी के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। उन्हें सबसे ज्यादा इस बात का दुख था कि वह खुद एक शिक्षक हैं और अपने स्टूडेंट्स के सामने गलत उदाहरण पेश कर रहे थे।
दुर्गा प्रसाद ने माना कि इस वजह से उन्हें कई बार खुद पर शर्म आती थी।
2020 में जिंदगी बदलने का लिया फैसला
दुर्गा प्रसाद ने बताया कि साल 2020 में उन्होंने अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों के सहयोग से उन्होंने जुए की लत से बाहर निकलने की कोशिश शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने इस आदत को पीछे छोड़ दिया और अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की।
KBC में पहुंचने के पीछे भी उनके लिए सिर्फ गेम जीतना मकसद नहीं था। वह अपने ऊपर चढ़े कर्ज को चुकाना चाहते थे। ऐसे में ₹12.5 लाख की जीत उनके लिए काफी मायने रखती है।
अमिताभ बच्चन ने दी खास हिदायत
दुर्गा प्रसाद के ₹12.5 लाख जीतने के बाद अमिताभ बच्चन ने उन्हें खास हिदायत दी कि इस पैसे का इस्तेमाल दोबारा जुए में न करें। बिग बी ने उन्हें साफ तौर पर कहा कि अब इस पैसे को जुए में नहीं लगाना है।
दुर्गा प्रसाद ने भी भरोसा दिलाया कि वह अपनी पुरानी आदत से बाहर निकल चुके हैं और अब दोबारा उस रास्ते पर नहीं जाएंगे।
KBC 18 में दुर्गा प्रसाद साही की कहानी सिर्फ ₹12.5 लाख जीतने तक सीमित नहीं रही। उनके लिए यह मंच अपनी जिंदगी के एक मुश्किल दौर को पीछे छोड़ने और नई शुरुआत की कहानी भी बन गया। एक तरफ उन्होंने क्विज में शानदार प्रदर्शन किया, तो दूसरी तरफ अपनी जुए की लत और ₹10 लाख के कर्ज की कहानी खुलकर साझा कर लोगों को भी एक सीख दी।
