पंडरिया। पंडरिया विधानसभा के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधायक भावना बोहरा द्वारा शुरू की गई ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ की पहली कार्यशाला पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, उड़ियाकला में आयोजित की गई। 5 से 9 सितंबर तक चली इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3D प्रिंटिंग और STEM जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में कक्षा 10वीं और 12वीं के करीब 150 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के विशेष आग्रह पर उन्हें भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया, जिसके बाद कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों की संख्या 200 से अधिक हो गई। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
मोबाइल लैब के जरिए आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के लिए मोबाइल लैब के माध्यम से बस टूर का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न मॉडल और प्रयोगों को करीब से देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की।
इसके अलावा टेबलटॉप प्रदर्शनी, STEM किट और फिजिक्स किट का प्रदर्शन भी किया गया। इलेक्ट्रॉनिक किट और फिजिक्स किट की मदद से विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से समझाया गया। बच्चों ने स्वयं प्रयोग कर विज्ञान को व्यवहारिक तरीके से सीखने का अनुभव लिया।
विधायक बोहरा ने कहा- प्रतिभा को सिर्फ अवसर और सही मार्गदर्शन की जरूरत

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि गांवों और शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन देने की है।
उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ का उद्देश्य पंडरिया विधानसभा के बच्चों को ड्रोन, रोबोटिक्स, AI, STEM, 3D प्रिंटिंग और दूसरी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। आज की शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रह सकती। बच्चों को प्रयोग, तकनीक और नवाचार से जोड़ना समय की जरूरत है।
हर साल 5 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि इस पहल के जरिए आने वाले समय में पंडरिया विधानसभा के शासकीय और शिशु मंदिर विद्यालयों के करीब 5,000 विद्यार्थियों तक हर साल पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से अलग-अलग विद्यालयों में जाकर बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रयोग करने की क्षमता और नवाचार का आत्मविश्वास विकसित करना है।
