कबीरधाम। जिले के झलमला थाना क्षेत्र में टोनही होने के संदेह में मां की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी 50 वर्षीय मां के साथ लात-घूंसों और लकड़ी के डंडे से बेरहमी से मारपीट की थी। गंभीर चोटों के चलते महिला की मौत हो गई। पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मृतका के पति ने दर्ज कराई थी सूचना
ग्राम मुड़वाही निवासी सबर सिंह मेरावी ने 11 सितंबर को अपनी पत्नी बतसिया बाई मेरावी की मौत के संबंध में झलमला थाने में मर्ग सूचना दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पंचनामा की कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएचसी रेंगाखार भेजा गया।
जांच में सामने आई मारपीट की बात
शव निरीक्षण के दौरान महिला के शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले। मर्ग जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों से पता चला कि 9 सितंबर की रात करीब 10 बजे मृतका का बेटा तुलसी राम मेरावी अपनी मां पर टोनही होने का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट कर रहा था।
आरोप है कि तुलसी राम ने मां को लात-घूंसों और लकड़ी के डंडे से पीटा। पोस्टमार्टम के बाद मिली शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में छाती पर गंभीर चोटों के कारण मौत होने की बात सामने आई।
डंडा भी बरामद
जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद झलमला थाने में आरोपी तुलसी राम मेरावी के खिलाफ अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता और धारा 4, 5 छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके मेमोरण्डम के आधार पर घटना में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा (चिरान) उसके घर से गवाहों की मौजूदगी में बरामद कर जब्त किया गया। आरोपी को 12 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
झलमला पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देश में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम में प्रधान आरक्षक पौराणिक लहरे, आरक्षक राजेंद्र मरकाम और राजेश्वर नाग की भी सराहनीय भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास या टोनही होने के संदेह में किसी भी व्यक्ति को प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है। ऐसी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
