Durg PDS Rice Scam: दुर्ग में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। डायल-112 को मिली सूचना के बाद PDS चावल से लदा वाहन पकड़ा गया है। अब खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि चावल किस राशन दुकान से निकला और इसे कहां ले जाया जा रहा था। अगर जांच में अनियमितता सामने आती है तो कार्रवाई की जा सकती है।
PDS चावल के अवैध परिवहन का मामला सामने आया
दुर्ग। शहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले चावल के संदिग्ध परिवहन का मामला सामने आया है। डायल-112 की टीम ने सूचना मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए चावल से भरे एक वाहन को रोका और एक व्यक्ति को वाहन समेत पकड़ा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन में रखा चावल PDS का बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि चावल किस शासकीय उचित मूल्य दुकान से संबंधित है और इसे किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।
डायल-112 पर मिली थी सूचना
जानकारी के मुताबिक किसी व्यक्ति ने डायल-112 पर फोन कर वाहन के जरिए चावल ले जाने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की।
वाहन में रखे चावल को लेकर संदेह होने पर टीम ने वाहन और उसमें मौजूद व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई।
अब चावल के स्रोत और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
खाद्य विभाग खंगाल रहा चावल का रिकॉर्ड
मामले की जांच में खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त किया गया चावल किस सरकारी राशन दुकान के स्टॉक से संबंधित है।
इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि चावल को राशन दुकान से किसी अधिकृत प्रक्रिया के तहत बाहर ले जाया जा रहा था या नहीं। परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज और अनुमति थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
यदि चावल किसी PDS दुकान के स्टॉक से निकला पाया जाता है तो उसके परिवहन और संभावित गंतव्य से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा मामला
फिलहाल इस मामले को सीधे तौर पर राशन घोटाला कहना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन में मौजूद चावल वास्तव में PDS का था और यदि था, तो उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
खाद्य विभाग चावल के स्रोत, स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटा रहा है। जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
दुर्ग-भिलाई में पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
PDS चावल के अवैध परिवहन और बिक्री को लेकर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में पहले भी कार्रवाई के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में खाद्य विभाग और पुलिस द्वारा चावल के स्रोत और गंतव्य की जांच की जाती है।
साथ ही संबंधित शासकीय उचित मूल्य दुकान के स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चावल सरकारी आवंटन का हिस्सा था या नहीं।
राशन नहीं मिलने की शिकायतों के बीच उठे सवाल
इस घटना के बीच राशन दुकानों में समय पर चावल नहीं मिलने की शिकायतें भी चर्चा में हैं। कई हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें निर्धारित मात्रा और समय पर राशन मिलना चाहिए।
हितग्राहियों की मांग है कि विभाग राशन दुकानों के स्टॉक, वितरण रजिस्टर और ऑनलाइन रिकॉर्ड का नियमित मिलान करे, ताकि आवंटित चावल वास्तव में पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सके।
