Kawardha Crime News: कबीरधाम जिले के झलमला थाना क्षेत्र में फर्जी वन अधिकार पट्टा बनाकर लोगों से पैसे ऐंठने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 36 वर्षीय आरोपी राजेन्द्र धुर्वे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने वन अधिकार पट्टा बनवाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये लिए और बाद में उन्हें फर्जी दस्तावेज थमा दिए।
मामला तब सामने आया जब ग्राम अंजना निवासी पंछू सिंह धुर्वे फर्जी वन अधिकार पट्टा लेकर केसीसी ऋण और खाद लेने सोसायटी पहुंचा। वहां दस्तावेज को लेकर जानकारी लेने पर उसे पता चला कि पट्टा असली नहीं है। इसके बाद उसने झलमला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तीन लोगों से लिए 2.10 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक पंछू सिंह धुर्वे ने शिकायत में बताया कि आरोपी राजेन्द्र धुर्वे ने उसके और उसकी पत्नी के नाम पर वन अधिकार पट्टा बनवाने के नाम पर 1 लाख रुपये लिए थे।
जांच आगे बढ़ी तो संतोष धुर्वे से 60 हजार रुपये और चमर सिंह कुशरे से 50 हजार रुपये लेने की जानकारी भी सामने आई। इस तरह तीनों से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये लिए गए थे।

वन विभाग से सत्यापन कराया तो सामने आया फर्जीवाड़ा
शिकायत के बाद झलमला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित वन अधिकार पट्टों का वन विभाग कवर्धा से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान इन पट्टों का विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। जांच में दस्तावेजों को फर्जी और कूटरचित पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में राजेन्द्र धुर्वे ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर फर्जी वन अधिकार पट्टा तैयार करने की बात स्वीकार की।

फर्जी दस्तावेज भी पुलिस ने किए जब्त
विवेचना के दौरान आरोपी के पास रखे फर्जी वन अधिकार पट्टे की कॉपी पुलिस ने जब्त कर ली। इसके बाद राजेन्द्र धुर्वे पिता छत्तर सिंह धुर्वे, उम्र 36 वर्ष, निवासी अंजना को 3 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जिला जेल कबीरधाम भेज दिया है। मामले में थाना झलमला में अपराध क्रमांक 14/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।
(पुलिस अनुविभागीय अधिकारी- प्रशांत देवांगन)
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक वसीम रजा कुरैशी, लुदुराम साहू तथा आरक्षक राजेंद्र धुर्वे और सुदर्शन की कार्रवाई में सराहनीय भूमिका रही।
