कबीरधाम। आरटीओ चालान, पीएम आवास योजना और अन्य शासकीय योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को कबीरधाम साइबर पुलिस ने झांसी, उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी APK मोबाइल में इंस्टॉल करवाकर लोगों की बैंकिंग और UPI संबंधी जानकारी हासिल करता था और खातों से रकम निकालकर ठगी करता था।
पुलिस के मुताबिक, साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में दर्ज मामलों की जांच के दौरान सामने आया कि पीड़ितों के मोबाइल पर आरटीओ चालान, पीएम आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजी गई थी। जानकारी के अभाव में पीड़ितों ने इन फाइलों को इंस्टॉल कर लिया, जिसके बाद उनकी बैंकिंग और UPI से जुड़ी जानकारी साइबर ठगों तक पहुंच गई और खातों से रकम निकाल ली गई।
साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 13/26 में करीब 1 लाख रुपये और अपराध क्रमांक 16/26 में 96,501 रुपये की ठगी सामने आई थी। मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने बैंकिंग डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा साइबर थाना के अधिकारियों के निर्देशन में तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। साइबर पुलिस टीम को झांसी, उत्तरप्रदेश भेजा गया, जहां किराये के मकान में आरोपी सौरभ कुशवाहा को पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा APK फाइल के माध्यम से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया गया। आरोपी सौरभ कुशवाहा, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम करेरा, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी के अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी की घटनाओं में संलिप्त होने की जानकारी मिली है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
साइबर पुलिस थाना के अनुसार, पिछले दो माह में टीम ने पांच प्रकरणों में मुख्य साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। साइबर ठग आरटीओ चालान, पीएम आवास योजना, बिजली बिल, KYC अपडेट, बैंक अपडेट और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी लिंक या APK भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एप्लीकेशन को इंस्टॉल न करें और OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
