Shefali Bagga: महादेव सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting Scam) केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में टीवी स्पोर्ट्स एंकर और ‘बिग बॉस’ की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा का नाम भी जुड़ गया है। ED के अनुसार, महादेव ऐप के प्रमोशन से जुड़ी कथित रकम में से 1 करोड़ 20 लाख रुपये शेफाली बग्गा ने सरेंडर कर दिए हैं। इससे पहले ED की छापेमारी में उनके ठिकानों से 30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे, जिसके बाद अब इस मामले में कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये की रकम सामने आ चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
ED की रायपुर यूनिट साल 2022 से महादेव ऐप मामले की बहु-राज्यीय जांच कर रही है। इसी कड़ी में मई महीने में एजेंसी ने शेफाली बग्गा के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान 30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। जांच के दौरान बची हुई रकम को सौंपने की इच्छा जताते हुए शेफाली बग्गा ने ED की रायपुर यूनिट को 50 लाख और 70 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट सौंप दिए हैं। जुलाई महीने में शेफाली, उनके पिता और भाई के बयान भी दर्ज किए गए थे, और ED ने इसकी जानकारी रायपुर की विशेष अदालत को भी दे दी है।
शेफाली बग्गा का बड़ा दावा
दूसरी ओर, शेफाली बग्गा ने महादेव ऐप से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी होने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी भूमिका केवल सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स के प्रमोशन तक ही सीमित थी। उन्होंने अन्य सेलिब्रिटीज की तरह ही प्रमोशनल कार्य किया था और उन्हें इस ऐप के संचालन या इससे जुड़ी अन्य अवैध गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर बड़े फैन बेस (56 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स) के कारण उनका नाम सामने आने के बाद यह मामला काफी सुर्खियों में है।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़ा है नेटवर्क
गौरतलब है कि महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल रहा है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इसके सह-प्रवर्तक थे, जो दुबई से इसका संचालन करते थे। ED का आरोप है कि इस नेटवर्क ने फ्रेंचाइजी मॉडल और बेनामी बैंक खातों के जरिए भारी मात्रा में अवैध कमाई की, जिसकी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच की जा रही है। फिलहाल, इस मामले में ED की आगे की जांच और अदालत की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।
