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बस्तर दशहरा में आज बनेगा इतिहास! मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति Droupadi Murmu

बस्तर दशहरा के इतिहास में 23 अक्टूबर का दिन खास होने जा रहा है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu सिरहासार में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होंगी। आखिर बस्तर की इस सदियों पुरानी परंपरा में ऐसा क्या खास है और राष्ट्रपति के दौरे का पूरा कार्यक्रम क्या है? जानिए..

बस्तर दशहरा में आज शामिल होंगी राष्ट्रपति Droupadi Murmu

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के इतिहास में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति Droupadi Murmu बस्तर दशहरा के अवसर पर जगदलपुर पहुंचेंगी। वह सिरहासार में आयोजित पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी और लालबाग मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में राष्ट्रपति की भागीदारी से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।

बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परंपराओं, आस्था और जनजातीय संस्कृति के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। मुरिया दरबार इस उत्सव की प्रमुख परंपराओं में शामिल है, जहां बस्तर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और जनभागीदारी की झलक देखने को मिलती है।

सुबह 11:15 बजे जगदलपुर पहुंचेंगी राष्ट्रपति Droupadi Murmu

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति Droupadi Murmu 23 अक्टूबर को सुबह 11:15 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगी। इसके बाद वह मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति बस्तर दशहरा के पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

इसके बाद दोपहर 12:45 बजे लालबाग मैदान में आयोजित सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगी। इस दौरान बस्तर अंचल के पारंपरिक सामाजिक संरक्षकों और जनप्रतिनिधियों से भी उनका संवाद होगा।

मुरिया दरबार में मांझी-चालकी और पारंपरिक प्रतिनिधियों से करेंगी संवाद

मुरिया दरबार बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति अंचल के पारंपरिक प्रतिनिधियों, मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और मेंबर-मेंबरिन, से रूबरू होंगी।

इन प्रतिनिधियों के साथ होने वाला संवाद बस्तर की स्थानीय परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था और जनजातीय पहचान को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। बस्तर दशहरा की विशेषता केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सदियों से चली आ रही परंपराओं की भी अहम भूमिका है।

राज्यपाल रमेन डेका करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता

लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के उपस्थित रहने का कार्यक्रम है।

इसके अलावा पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

बस्तर के सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और महापौर संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रहेगी।

बस्तर दशहरा की परंपरा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

बस्तर दशहरा देश के सबसे विशिष्ट सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। इसकी परंपराएं बस्तर की जनजातीय विरासत, स्थानीय आस्था और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी हुई हैं। मुरिया दरबार इस आयोजन की ऐसी परंपरा है, जिसमें क्षेत्र की पारंपरिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधित्व की झलक मिलती है।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu की इस आयोजन में भागीदारी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर होगी। इस मौके के लिए बस्तर दशहरा समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से पारंपरिक स्वागत की तैयारियां की गई हैं। सिरहासार पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत बस्तर की लोक-संस्कृति के प्रतीकों और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप किया जाएगा।

बस्तर दशहरा के इस विशेष अवसर को लेकर पूरे अंचल में उत्साह का माहौल है। अब सभी की नजरें राष्ट्रपति के कार्यक्रम और मुरिया दरबार में होने वाले संवाद पर टिकी हैं।

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