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करवा चौथ आज: सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, शाम 5:38 से 6:56 बजे तक पूजा का मुहूर्त; जानें शहरवार चंद्रोदय का समय

Karwa Chauth: पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ आज 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं ने सुबह सरगी खाने के बाद निर्जला व्रत रखा। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करेंगी। इसके बाद करवा चौथ की कथा सुनने और चंद्रमा के दर्शन करने की परंपरा निभाई जाएगी। चांद को अर्घ्य देने और पति के हाथों पानी पीने के बाद महिलाएं अपना व्रत खोलेंगी।

करवा चौथ को कर्क चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और वैवाहिक जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार, महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सफलता और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। कई अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं।

करवा चौथ 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त

करवा चौथ पर शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक बताया गया है। इस दौरान महिलाएं पूजा की थाली सजाकर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की आराधना करेंगी। इसके साथ करवा चौथ की कथा सुनने और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने की परंपरा है।

पूजा के लिए करवा, दीपक, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और जल से भरा पात्र तैयार रखें। पूजा पूरी करने के बाद महिलाएं चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करेंगी।

करवा चौथ 2026: प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग-अलग होता है। उपलब्ध समय-सारणी के मुताबिक, प्रमुख शहरों में चांद निकलने का अनुमानित समय इस प्रकार है:

शहर चंद्रोदय का अनुमानित समय
कोलकाता रात 7:47 बजे
पटना रात 7:52 बजे
गया रात 7:55 बजे
कानपुर रात 8:05 बजे
लखनऊ रात 8:06 बजे
प्रयागराज रात 8:06 बजे
हरिद्वार रात 8:09 बजे
चंडीगढ़ रात 8:12 बजे
जम्मू रात 8:14 बजे
नोएडा रात 8:16 बजे
दिल्ली रात 8:17 बजे
गुरुग्राम रात 8:18 बजे
अमृतसर रात 8:18 बजे
रायपुर रात 8:18 बजे
जयपुर रात 8:28 बजे
भोपाल रात 8:31 बजे
इंदौर रात 8:39 बजे
अहमदाबाद रात 8:52 बजे
पुणे रात 8:58 बजे
मुंबई रात 9:00 बजे

ये समय अनुमानित हैं। स्थानीय पंचांग और मौसम के अनुसार चंद्रमा के दिखाई देने के समय में अंतर हो सकता है। बादल या बारिश होने पर चांद के दर्शन में देरी भी हो सकती है।

करवा चौथ पूजा विधि: शाम को ऐसे करें पूजा

करवा चौथ की पूजा के लिए शाम को पूजा स्थल साफ करके चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाएं और रोली, अक्षत, फूल, मिठाई सहित पूजा की सामग्री अर्पित करें।

परिवार की परंपरा के अनुसार करवा चौथ की कथा सुनें और व्रत की पूजा पूरी करें। चंद्रमा के दर्शन के लिए पूजा की थाली में जल से भरा लोटा या करवा, दीपक, अक्षत और छलनी रखें।

चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि

चांद दिखाई देने पर सबसे पहले चंद्रदेव को प्रणाम करें। इसके बाद जल से अर्घ्य देते हुए पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करें। इस दौरान ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।

अर्घ्य देने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा के दर्शन करती हैं और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद पति पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाते हैं। कई परिवारों में पति-पत्नी एक-दूसरे की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए इस रस्म को पूरा करते हैं।

करवा चौथ व्रत कथा: सात भाइयों की इकलौती बहन की कहानी

करवा चौथ की प्रचलित कथाओं में सात भाइयों की इकलौती बहन वीरावती की कथा प्रमुख है। कथा के अनुसार, वीरावती ने करवा चौथ का व्रत रखा था। दिनभर भूखी-प्यासी बहन को परेशान देखकर उसके भाइयों ने पेड़ पर दीपक जलाकर छलनी की ओट में रख दिया। उन्होंने बहन से कहा कि चांद निकल आया है।

भाइयों की बात पर विश्वास करके वीरावती ने चंद्रमा समझकर दीपक को अर्घ्य दिया और भोजन करने बैठ गई। मान्यता के अनुसार, व्रत समय से पहले खोलने के कारण उसे कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। बाद में उसने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ व्रत किया। कथा के अंत में उसके पति को जीवनदान मिलने की बात कही जाती है।

इस कथा के माध्यम से करवा चौथ में व्रत की परंपरा, श्रद्धा और नियमों के पालन का महत्व बताया जाता है।

करवा चौथ पर मौसम का असर, चांद के दर्शन में हो सकती है देरी

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मौसम खराब होने, बादल छाने या बारिश होने पर चांद निकलने के बाद भी उसे देख पाना मुश्किल हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर सहित कुछ क्षेत्रों में मौसम को लेकर चिंता जताई गई है। ऐसे में महिलाओं को अपने शहर के मौसम और स्थानीय चंद्रोदय के समय पर नजर रखनी चाहिए।

करवा चौथ पर दिनभर व्रत और पूजा की तैयारियों के बाद महिलाओं को अब चांद निकलने का इंतजार रहेगा। चंद्रमा को अर्घ्य देने, छलनी से दर्शन करने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।

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