कवर्धा, 5 अक्टूबर 2026। कवर्धा शहर के स्नेहा हॉस्पिटल में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महिला शौचालय में तेंदुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उपचार के बाद भोरमदेव अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
बताया गया कि सुबह करीब 10 बजे तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली। इस दौरान उसके हमले में एक महिला को चोट आई, जिसका उपचार कराया गया। वन विभाग के अनुसार महिला को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से भी परिसर में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
बिलासपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम
वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। लोगों को मौके से दूर रखा गया और तेंदुए को सुरक्षित निकालने के लिए बिलासपुर से विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई।
2:55 बजे ट्रैंक्विलाइज़ किया गया
विशेषज्ञों ने स्थिति का आकलन करने के बाद दोपहर करीब 2:55 बजे ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट से तेंदुए को बेहोश किया। इसके बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में रखकर लालपुर नर्सरी ले जाया गया। रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब 6 साल बताई गई है।
स्वास्थ्य जांच के बाद भोरमदेव अभयारण्य में छोड़ा
लालपुर नर्सरी में पशु चिकित्सकों ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरी उपचार दिया। इसके बाद शाम करीब 6 बजे उसे भोरमदेव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और भीड़ जमा करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग के मुताबिक नागरिकों का सहयोग वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू और जनसुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
