Saurabh Chandrakar Arrested: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप (Mahadev Betting App) मामले के मुख्य प्रमोटर और सबसे बड़े आरोपी सौरभ चंद्राकर को आखिरकार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों और इंटरपोल के सहयोग से उसे ओमान में दबोचा और विशेष विमान से भारत ले आई है। आज यानी 2 नवंबर को मेडिकल जांच के बाद उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।
रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई गिरफ्तारी
CBI के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी किया गया था। इसी नोटिस के आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारत सरकार, ओमान के अधिकारियों और इंटरपोल के बीच चली लंबी कागजी कार्रवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया के बाद उसे भारत लाने की मंजूरी मिली। CBI की एक विशेष टीम मस्कट पहुंचकर उसे अपने साथ भारत लेकर आई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सौंपी थीं 13 FIR
आपको बता दें कि महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच वर्तमान में CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) दर्ज कर रखी है।
जांच में हुए बड़े खुलासे:
हवाला नेटवर्क: सट्टेबाजी से करोड़ों की अवैध कमाई को फर्जी बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाया जाता था और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।
रिश्वतखोरी: नेटवर्क को बेरोकटोक चलाने के लिए सरकारी तंत्र और अधिकारियों को भारी-भरकम रिश्वत दिए जाने का भी खुलासा हुआ है।
कानूनी शिकंजा: CBI ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, IPC की धाराओं (धोखाधड़ी, जालसाजी व आपराधिक साजिश) और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
