CG D.Ed Candidates Protest: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर D.Ed अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले 321 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार सुबह नवा रायपुर स्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले का घेराव कर दिया। अभ्यर्थियों की मांग है कि करीब 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और सरकार इसकी निश्चित तारीख घोषित करे।
321 दिनों के आंदोलन के बाद मंत्री के बंगले पहुंचे अभ्यर्थी
छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पर पिछले करीब दस महीनों से D.Ed अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लगातार 321 दिनों तक धरना देने के बावजूद मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी नाराजगी के चलते गुरुवार सुबह सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात करने उनके बंगले पहुंच गए। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे अब केवल आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि 2300 पदों पर नियुक्ति को लेकर सरकार से स्पष्ट निर्णय और निश्चित तारीख चाहते हैं।
मंत्री के बंगले के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
अभ्यर्थियों के मंत्री बंगले पहुंचते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। बंगले के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब लंबे समय से धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो उन्हें सीधे मंत्री से मिलकर अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच हुई तीखी बहस
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्हें बताया गया कि मंत्री के बंगले पर बिना पूर्व अनुमति प्रदर्शन नहीं किया जा सकता और उन्हें वापस तूता धरना स्थल लौट जाना चाहिए।
हालांकि, अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने साफ कहा कि वे मंत्री से मुलाकात किए बिना वापस नहीं जाएंगे। इसी बात को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
पुलिस ने जबरन हटाया, बसों में बैठाकर भेजा धरना स्थल
समझाइश के बावजूद जब अभ्यर्थी वापस लौटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को एक-एक कर हटाया गया और बसों में बैठाकर वापस तूता धरना स्थल भेज दिया गया। कार्रवाई के दौरान मंत्री के बंगले के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने का आरोप
D.Ed अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। अभ्यर्थियों के अनुसार, करीब 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति का मामला लंबे समय से लंबित है।
उनका कहना है कि न्यायालय के आदेशों के बाद भी नियुक्ति नहीं होने से उनका भविष्य अनिश्चितता में है। हालांकि, इन न्यायालयी आदेशों और नियुक्ति प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अब आश्वासन नहीं, नियुक्ति की निश्चित तारीख चाहते हैं अभ्यर्थी
321 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। अब वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे।
उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्णय ले और नियुक्ति की निश्चित तारीख सार्वजनिक करे।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और नियुक्ति की तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
CG D.Ed Recruitment: क्या सरकार जल्द करेगी नियुक्ति की तारीख का ऐलान?
छत्तीसगढ़ में D.Ed अभ्यर्थियों का आंदोलन अब एक बड़े सवाल के साथ खड़ा है। 321 दिनों के धरने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। ऐसे में अब सभी की नजरें राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार जल्द ही 2300 पदों पर नियुक्ति को लेकर कोई ठोस फैसला करेगी या अभ्यर्थियों को अपने अधिकारों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा?
