गाजियाबाद की एक पुलिस चौकी… रात का वक्त… और अचानक ऐसा धमाका कि चौकी के शीशे टूट गए और दीवार तक में दरार आ गई! सवाल ये है कि आखिर पुलिस चौकी के अंदर धमाका हुआ कैसे? क्या ये महज एक हादसा था या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? फिलहाल पुलिस से लेकर खुफिया एजेंसियों तक, हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा है।
मामला गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी का है, जहां शुक्रवार रात अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके के वक्त चौकी के अंदर एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी बॉय मौजूद थे। धमाका इतना तेज था कि चौकी के दो कांच के शीशे टूट गए और एक दीवार में हल्की दरार आ गई। टूटे हुए कांच की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय घायल भी हो गया।
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि शुरुआती जांच में धमाके की वजह AC कंप्रेसर फटना या सामान्य पटाखा नहीं मानी जा रही है। लेकिन आखिर धमाका किस चीज से हुआ? क्या इसमें किसी विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था? फिलहाल इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।
इस जांच में एक बड़ी चुनौती CCTV कैमरों की कमी भी है। घटनास्थल के आसपास कोई CCTV कैमरा मौजूद नहीं बताया जा रहा है। वहीं, चौकी के मुख्य गेट पर लगे कैमरे में घटना से जुड़ी कोई अहम जानकारी रिकॉर्ड हुई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। यानी जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है धमाके की वजह और उससे जुड़े सबूतों को जोड़ना।
गौर करने वाली बात ये भी है कि हाल के दिनों में पुलिस और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने से जुड़े कई खुफिया इनपुट सामने आए हैं। कुछ दिन पहले ही यूपी पुलिस ने ISI और शहजाद भट्टी से जुड़े एक मॉड्यूल का खुलासा किया था।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वसुंधरा पुलिस चौकी में हुआ धमाका आखिर किस वजह से हुआ? क्या ये किसी तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा था, कोई हादसा था या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी है? इन सभी सवालों का जवाब अब फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल जांच जारी है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस धमाके के पीछे की असली कहानी क्या निकलकर सामने आती है।
