Bilaspur Violence मामले में पुलिस ने आरोपी सोहेल खान को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ; आरोपी ने घटना के समय मौके पर नहीं होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। Bilaspur Violence में दोनों पक्षों के 12 आरोपी गिरफ्तार।
Bilaspur Violence मामले में सोहेल खान का सरेंडर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और पथराव के मामले में फरार चल रहे आरोपी सोहेल खान ने मंगलवार शाम पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
सरेंडर से पहले सोहेल खान ने मीडिया से बातचीत में खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसका कहना है कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं था। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोहेल ने कहा- घटना के वक्त घर पर था
सोहेल खान के मुताबिक, उसे मोहल्ले के कुछ युवकों के विरोध की जानकारी मिली थी। वह घर से बाहर निकलने वाला था, लेकिन उसके परिजनों ने उसे घर पर ही रोक लिया। सोहेल ने दावा किया कि इसलिए वह हिंसा और पथराव के दौरान घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।
आरोपी ने यह भी दावा किया कि इससे पहले उसे आत्महत्या से जुड़े एक मामले में फंसाया गया था। हालांकि, उसके इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

सरेंडर के बाद एसीसीयू ने की पूछताछ
सोहेल के सरेंडर करने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों और उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि पथराव और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
दोनों पक्षों के 12 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अब तक मामले में दोनों पक्षों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि पुलिस एक पक्ष के लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। मंगलवार को भी पुलिस ने मामले से जुड़े कई लोगों को सिटी कोतवाली थाने बुलाकर पूछताछ की। उनसे घटना के दौरान मौजूद लोगों, विवाद और पथराव को लेकर जानकारी ली गई।
सोशल मीडिया टिप्पणी और पुरानी रंजिश से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव होने लगा।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
ठाकुर राम सिंह समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मामले में एक पक्ष के मुख्य आरोपी बताए जा रहे ठाकुर राम सिंह के अभी फरार होने की जानकारी है। पुलिस उसकी तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है। इसके अलावा अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश जारी है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
Bilaspur Violence के बाद खपरगंज और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
अब सोहेल खान के सरेंडर के बाद पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि घटना के समय उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और उसके दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से होती है या नहीं। साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए भी जांच आगे बढ़ा रही है।
