Chhattisgarh Congress में दिल्ली दौरे को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पार्टी के कई विधायक दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक के साथ 12 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता और विधायक शामिल होंगे। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
रायपुर एयरपोर्ट पर जुटने लगे कांग्रेस नेता
दिल्ली रवाना होने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई कांग्रेस नेता रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें विधायक रामकुमार यादव, संदीप साहू, विक्रम मांडवी, व्यास कश्यप, इंद्र साव और चातुरी नंद शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पार्टी के अन्य विधायकों के भी दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी गई है। पार्टी नेताओं के इस दौरे को दिल्ली में होने वाली बैठक और विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक, आगे की रणनीति पर चर्चा
दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की भागीदारी प्रस्तावित है। बैठक में किन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी, इसकी पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।
हालांकि, मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में दिल्ली में होने वाली बैठक को पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
12 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया के विरोध को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। विपक्षी दलों के नेता पैदल मार्च भी निकालेंगे।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल हैं। वहीं, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठाए जा रहे इन सवालों पर संबंधित पक्षों के रुख को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
Chhattisgarh Congress के नेताओं के दिल्ली दौरे पर नजरें
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों का एक साथ दिल्ली जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान पार्टी की बैठक और इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में उनकी भागीदारी प्रमुख रहेगी।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद कांग्रेस नेतृत्व की ओर से क्या संदेश दिया जाता है और विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के नेता किस तरह अपनी भागीदारी निभाते हैं।
