CG News Times

Bhupesh Baghel vs Vijay Sharma: आवास के बाद अब नक्सलवाद पर बहस? विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को दिया नया चैलेंज

Bhupesh Baghel vs Vijay Sharma: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सार्वजनिक बहस का मुद्दा सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हाल ही में सार्वजनिक मंच पर बहस कर चुके उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली चर्चा की चुनौती दी है। PM आवास योजना को लेकर दोनों नेताओं के बीच 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में बहस हुई थी।

विजय शर्मा ने कहा कि वे नक्सलवाद से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस पर इस विषय को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस तरह का न्याय चाहते हैं।

झीरम मामले को लेकर क्या बोले विजय शर्मा?

विजय शर्मा ने झीरम मामले का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल से सवाल किया कि इस मामले में और कैसा न्याय चाहिए, यह स्पष्ट किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए।

शर्मा ने बघेल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके पास मौजूद बताए जा रहे सबूत पांच साल तक सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है और यदि कोई सबूत है तो उसे NIA के सामने रखा जाना चाहिए।

झीरम घाटी हमले से जुड़े मामले में हालिया अदालत के फैसले के बाद भी पीड़ित परिवारों की ओर से आगे की जांच और बड़ी साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की मांग सामने आई है।

PM आवास पर बहस के बाद आया नया बयान

दरअसल, 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में PM आवास योजना को लेकर विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी। दोनों नेताओं ने योजना के तहत आवासों की स्वीकृति, निर्माण और आंकड़ों को लेकर अपने-अपने दावे रखे थे।

अब विजय शर्मा ने कहा है कि वे PM आवास योजना पर भी दोबारा चर्चा के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक भूपेश बघेल तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं और उसके बाद इस मुद्दे पर फिर बहस की जा सकती है।

तारा कोल ब्लॉक पर बघेल ने भी दी थी बहस की चुनौती

इस बीच तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भी छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। बघेल ने कहा था कि उनके पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज हैं और दोनों पक्षों को मीडिया के सामने दस्तावेज रखकर चर्चा करनी चाहिए।

बघेल ने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

अब नक्सलवाद पर बहस को लेकर सियासत

PM आवास और तारा कोल ब्लॉक जैसे मुद्दों के बाद अब नक्सलवाद पर सार्वजनिक बहस की चुनौती ने छत्तीसगढ़ की सियासत में एक नया राजनीतिक मुद्दा जोड़ दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भूपेश बघेल इस प्रस्तावित बहस को स्वीकार करते हैं या नहीं।

आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की ओर से इस मुद्दे पर और बयान सामने आने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *