CG Weather Update: फिर मेहरबान होगा मौसम, 22 से 25 सितंबर तक बारिश के आसार; इन जिलों में बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग ने 22 से 25 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं 19 सितंबर तक बलरामपुर में 169.7% बारिश हो चुकी है, जबकि कांकेर में आंकड़ा सिर्फ 67% है। अब अगले चार दिनों में कहां-कहां बरसेंगे बादल और आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम? पूरी खबर में जानिए।
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार 22 से 25 सितंबर के बीच प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। सोमवार को भी राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राजधानी रायपुर में सुबह से बादल छाए रहने के कारण बारिश की संभावना बनी हुई है।
19 सितंबर तक 96.4% बारिश दर्ज
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 19 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, चालू मानसून सीजन में 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 996.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
यह राज्य की निर्धारित औसत वर्षा 1033.6 मिमी का 96.4 प्रतिशत है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश की स्थिति में काफी अंतर देखने को मिला है।
बलरामपुर में सामान्य से 69.7% ज्यादा बारिश
जिलेवार आंकड़ों में बलरामपुर सबसे अधिक बारिश वाले जिलों में बना हुआ है। यहां अब तक 1488.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का 169.7 प्रतिशत है।
सरगुजा संभाग में ही सूरजपुर में 111.5% यानी 1138.1 मिमी और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 122.6% यानी 1139.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
वहीं सरगुजा में बारिश सामान्य से कम रही है। यहां 77.3% यानी 594.9 मिमी बारिश हुई है। जशपुर में 81.2% यानी 805.1 मिमी और कोरिया में 97.0% यानी 892.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
CG Weather Update: रायपुर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर
रायपुर संभाग में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। राजधानी रायपुर में अब तक 126.9% यानी 1091.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा महासमुंद में 120.8% यानी 1128.5 मिमी, गरियाबंद में 118.0% यानी 1191.9 मिमी, बलौदाबाजार में 109.7% यानी 1007.1 मिमी और धमतरी में 105.1% यानी 1061.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी सामान्य से ज्यादा बारिश
बिलासपुर संभाग के कई जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 138.5% यानी 1127.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मुंगेली में 112.5% यानी 1003.7 मिमी, जांजगीर-चांपा में 103.4% यानी 1101.5 मिमी और कोरबा में 97.5% यानी 1071.0 मिमी बारिश हुई है।
वहीं बिलासपुर में 95.8%, सक्ती में 95.6%, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 90.1% और रायगढ़ में 87.6% बारिश दर्ज की गई।
CG Weather Update: दुर्ग संभाग में बेमेतरा सबसे पीछे
दुर्ग संभाग के मैदानी जिलों में बालोद में सबसे अच्छी बारिश दर्ज हुई है। यहां 106.3% यानी 1057.1 मिमी बारिश हो चुकी है।
दुर्ग में 98.3%, राजनांदगांव में 94.9%, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 93.0%, कबीरधाम में 83.0% और बेमेतरा में 75.2% बारिश दर्ज की गई।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य की तुलना में 71.8% यानी 864.1 मिमी वर्षा हुई है।
बस्तर संभाग में बारिश का मिला-जुला असर
दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बारिश का असर अलग-अलग रहा। नारायणपुर में सामान्य से अधिक 108.6% यानी 1376.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
दंतेवाड़ा में 91.4%, कोंडागांव में 81.8% और बस्तर में 80.7% बारिश हुई है।
वहीं बीजापुर में 70.3%, सुकमा में 69.3% बारिश दर्ज की गई। कांकेर में 67.0% यानी 945.7 मिमी बारिश हुई, जो दिए गए आंकड़ों में प्रदेश में सबसे कम है।
CG Weather Update: 19 सितंबर को कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
19 सितंबर के दैनिक आंकड़ों के अनुसार, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17.3 मिमी, नारायणपुर में 16.5 मिमी और कांकेर में 16.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं जांजगीर-चांपा, कोंडागांव और दंतेवाड़ा में इस दिन बारिश दर्ज नहीं की गई। प्रदेश में 19 सितंबर को औसत दैनिक बारिश 4.0 मिमी रही।
CG Weather Update: 22 से 25 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 22 से 25 सितंबर के बीच प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं।
ऐसे में बारिश के साथ तापमान में बदलाव और कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को अपने जिले के लिए जारी होने वाले स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
