Chhattisgarh Accident News: सोचिए, जिस घर में धनतेरस की खरीदारी और दीयों की रोशनी से जगमगाने की तैयारियां चल रही थीं, चंद घंटों बाद वहां अपनों की अर्थियां उठ जाएं! छत्तीसगढ़ से आई इन दो दर्दनाक घटनाओं ने झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ नशे में धुत रफ्तार के सौदागर ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं, तो दूसरी तरफ घर के भीतर ही काल बनकर दौड़े करंट ने एक झटके में पिता-पुत्र की जान ले ली। आखिर कैसे एक पल की लापरवाही ने खुशियों के त्योहार को मातम में बदल दिया? आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली पूरी घटना की अंदर की कहानी…
छत्तीसगढ़ में धनतेरस का पावन पर्व कई परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे काला दिन साबित हुआ। राज्य के अलग-अलग जिलों से दो ऐसे दर्दनाक हादसे सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में कुल चार लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
बेमेतरा: नेशनल हाईवे-30 पर तेज रफ्तार कार का तांडव
बेमेतरा जिले के सतनाम चौक (नेशनल हाईवे 30 बेमेतरा-कवर्धा मार्ग) पर भोर सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच एक भीषण सड़क हादसा हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरौदपुरी धाम से दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की गाड़ी को तेज रफ्तार और कथित रूप से नशे में धुत कार चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। अनियंत्रित कार ने दो अन्य कारों और एक ट्रैक्टर को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे एक मकान की दीवार से जा टकराई।
इस भीषण सड़क हादसे में एक महिला और एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान लक्की देशलहरे (बेमेतरा) और एक महिला (ग्राम सोड़ निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, 3 से 4 अन्य गंभीर घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बलौदाबाजार: घर की बालकनी में करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत
दूसरी दर्दनाक घटना बलौदाबाजार जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां धनतेरस के दिन एक हंसता-खेल्ता परिवार उजड़ गया।
शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी राजू गुप्ता के घर के पास से बिजली का तार गुजरा हुआ था। घर की बालकनी में किसी कार्य या आवाजाही के दौरान अचानक वे विद्युत तार के संपर्क में आ गए।
इस भयानक हादसे में पिता राजू गुप्ता और उनके बेटे की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बीच-बचाव या चपेट में आने से उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
इन दोनों हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और घरेलू बिजली सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहार के दिन हुई इस तबाही से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
