Chhattisgarh Recruitment Cancelled: छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य कर विभाग में वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित सीमित भर्ती परीक्षा को सरकार ने रद्द कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत विभाग में बाबू के पद पर काम कर रहे कर्मचारियों को कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था।
जांच में भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद 42 संदिग्ध नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया है।
जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
भर्ती प्रक्रिया की जांच में कई अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक चयन प्रक्रिया में रोस्टर का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा चयनित अभ्यर्थियों की समेकित अंक सूची भी तैयार नहीं की गई।
इन खामियों के सामने आने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे और मामले की जांच की गई।
17 अभ्यर्थियों की Answer Sheet एक जैसी मिलने का दावा
जांच के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में भी कथित तौर पर गड़बड़ी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, 17 चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं हुबहू एक जैसी मिलीं।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि कुछ ऐसे अभ्यर्थी, जिनका प्रारंभिक चयन नहीं हुआ था, उनके नंबर पुनर्मूल्यांकन के जरिए बढ़ाए गए। इन बिंदुओं ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल और गंभीर कर दिए।
बाबुओं को बनाया गया था कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर
यह सीमित भर्ती परीक्षा राज्य कर विभाग के कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई थी। इसके जरिए विभाग में बाबू के पद पर काम कर रहे कर्मचारियों को कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर बनाया गया था।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर लेन-देन और अपात्र लोगों को चयनित किए जाने के आरोप भी लगाए गए थे। जांच के बाद अब 42 संदिग्ध नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया है।
समीर विश्नोई के कार्यकाल में हुई थी भर्ती
बताया गया है कि यह भर्ती प्रक्रिया राज्य कर विभाग के तत्कालीन आयुक्त समीर विश्नोई के कार्यकाल में हुई थी। समीर विश्नोई का नाम छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले में आरोपी अधिकारियों में भी रहा है।
हालांकि, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और जांच में सामने आई अनियमितताओं को संबंधित जांच के निष्कर्षों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे बड़े सवाल
2021-22 की इस सीमित भर्ती परीक्षा में रोस्टर से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं और पुनर्मूल्यांकन तक सामने आई कथित अनियमितताओं ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकार के 42 नियुक्तियां रद्द करने के फैसले के बाद अब यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
