कवर्धा। सिंघनपुरी के शासकीय दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी पढ़ाई और प्रतिभा को करीब से जाना। इस दौरान दृष्टिबाधित बच्चों ने ब्रेल लिपि में पाठ पढ़कर सुनाया और कलेक्टर का नाम लिखकर दिखाया, वहीं एक विद्यार्थी ने टेलर फ्रेम से जोड़-घटाव करके अपनी गणितीय क्षमता का प्रदर्शन किया।
कलेक्टर गुरुवार को विद्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचीं। उन्होंने अलग-अलग कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, दिनचर्या तथा विद्यालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं और जरूरतों को भी समझा।
ब्रेल लिपि में पढ़ा पाठ, लिखकर दिखाया कलेक्टर का नाम

कक्षा 8वीं के विद्यार्थी हेमंत जोशी और तीरथ साहू ने कलेक्टर के सामने हिंदी विषय के पाठ 9 ‘साहस के पैर’ को ब्रेल लिपि में पढ़कर सुनाया। विद्यार्थियों ने ब्रेल तकनीक के जरिए कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति का नाम भी लिखकर दिखाया। बच्चों का आत्मविश्वास और प्रतिभा देखकर कलेक्टर ने उनकी सराहना की। उन्होंने ब्रेल लिपि से पढ़ाई की प्रक्रिया और इसमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बारे में भी जानकारी ली।
वहीं, कक्षा तीसरी के एक विद्यार्थी ने टेलर फ्रेम की मदद से जोड़-घटाव करके अपनी गणितीय प्रतिभा दिखाई। कलेक्टर ने बच्चे का उत्साह बढ़ाया और शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें सीखने के अवसर दिए जाएं।
श्रवणबाधित विद्यार्थियों से कलेक्टर ने शिक्षक के माध्यम से साइन लैंग्वेज में संवाद किया। उन्होंने बच्चों से साइन लैंग्वेज में ए से जेड तक की जानकारी ली और उनकी संवाद क्षमता को समझा।
सिलाई-टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रहे बच्चे
विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चों को रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को सिलाई और टेलरिंग सिखाई जा रही है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण का निरीक्षण कर बच्चों को सिखाए जा रहे कौशल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ ऐसे हुनर सीखना भविष्य में आत्मनिर्भर बनने में मददगार होगा।
थेरेपी रूम, छात्रावास और मेस का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने श्रवणबाधित बच्चों के लिए बनाए गए थेरेपी रूम का भी जायजा लिया और वहां दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद छात्रावास और मेस का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के रहने की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और नियमितता के बारे में जानकारी लेते हुए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विद्यालय भवन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने आवश्यक भवन निर्माण कार्यों के लिए स्टीमेट तैयार कराने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें चॉकलेट व फल वितरित किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती अभिलाषा पांडा सहित विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।
