Congress Delhi Rally: दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली से पहले छत्तीसगढ़ में स्पेशल ट्रेन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आयोजित होने वाली रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रेलवे से विशेष ट्रेन चलाने का अनुरोध किया था। हालांकि, रेलवे के पत्र के मुताबिक, मांगी गई अवधि में निर्धारित प्रतिबंध लागू होने के कारण स्पेशल ट्रेन की बुकिंग नहीं की जा सकती। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
दिल्ली जाने के लिए मांगी थी स्पेशल ट्रेन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए रायपुर से नई दिल्ली तक स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया था। पार्टी की योजना के अनुसार, ट्रेन 30 अक्टूबर को रायपुर से रवाना होती और रैली के बाद 1 नवंबर को दिल्ली से वापसी यात्रा शुरू करती।
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के संगठन एवं प्रशासन प्रभारी मलकीत सिंह गैंदू ने IRCTC को पत्र लिखकर विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। प्रस्तावित ट्रेन में 15 कोच रखने की मांग की गई थी।
रेलवे ने क्यों नहीं दी स्पेशल ट्रेन की बुकिंग?
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी की ओर से IRCTC को भेजे गए पत्र के मुताबिक, प्रस्तावित स्पेशल ट्रेन की बुकिंग निर्धारित समयावधि में नहीं की जा सकती, क्योंकि मांगी गई तारीखें अधिसूचित प्रतिबंध अवधि के अंतर्गत आती हैं। पत्र में लागू FTR नीति, परिचालन संबंधी व्यवहार्यता और नियमों के अनुसार दूसरी अवधि में ट्रेन चलाने की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
यानी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मामला मांगी गई तारीखों में स्पेशल ट्रेन की बुकिंग पर प्रतिबंध से जुड़ा है। इसे पहले मंजूरी देकर बाद में रद्द करने का दावा करने से पहले संबंधित पत्र और मंजूरी की स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
स्पेशल ट्रेन उपलब्ध नहीं होने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने रेलवे के पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में होने वाली महारैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी रोकने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ट्रेन की व्यवस्था नहीं होने से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने में परेशानी हो सकती है, लेकिन पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर विस्तृत जवाब का उल्लेख नहीं है।
धनेंद्र साहू ने भी केंद्र सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंदोलन में बाधा डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन पूरी ताकत से रैली को सफल बनाने की तैयारी कर रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्पेशल ट्रेन नहीं मिलने के बावजूद कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के दूसरे विकल्प तलाशे जाएंगे। हालांकि, कितने कार्यकर्ता किस माध्यम से दिल्ली पहुंचेंगे, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
1 नवंबर को दिल्ली में होगी कांग्रेस की महारैली
कांग्रेस और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित महारैली दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होनी है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए SIR प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाने की तैयारी में है। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की है।
अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था करती है और स्पेशल ट्रेन को लेकर रेलवे के साथ आगे क्या बातचीत होती है।
