Kabirdham News: शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता होते हैं। अपने ज्ञान, संस्कार और समर्पण के जरिए वे बच्चों के जीवन को नई दिशा देने का काम करते हैं। इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर कबीरधाम पुलिस ने विशेष पहल करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिक्षकों का सम्मान किया।
कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में निस्वार्थ भाव और सेवा भावना के साथ बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे शिक्षकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (IPS) ने सभी शिक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें श्रीफल, शाल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को किया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित करके की गई।
डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर ही देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कार्यक्रम में मौजूद सभी शिक्षकों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।

सीमित संसाधनों में बच्चों को दे रहे शिक्षा
कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इन शिक्षकों का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना भी है। निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ शिक्षक लगातार बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

बच्चों का भविष्य संवारना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा देना सिर्फ पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है। यह उनके व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने का कार्य है।
उन्होंने कहा कि जिस सेवा भावना और समर्पण के साथ शिक्षक बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, वह बेहद सराहनीय और अनुकरणीय है।
SP ने शिक्षकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।

कानून-व्यवस्था के साथ शिक्षा पर भी पुलिस का फोकस
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कबीरधाम पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस पहल को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग और समर्पण से बच्चों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है और उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

इन शिक्षकों को किया गया सम्मानित
कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में निस्वार्थ भाव से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले सतपाल तलवरे, राजू धुर्वे, सुखसिंह, तिलियाबाई, वैसाखिन, कोमल सिंह, नेताम प्रकाश, टेकाम लमिया, मर्सकोले, विजय खूंटे, कुलदीप कुमार मिरावी, अखिल नारायण, धवनीबाई, संतोषी बैगा, नरियारो बैगा, श्रवण सिंह, जगत् खुसरे, मुकेश मस्कोले, सजनू बैगा, दिनेश कुमार, दिलीप कुमार, देवराज मेरावी, तोमेंद्र सिंह, अमृतलाल यादव, केसर मिरावी, चैतू रामधुर्वे, जयराम पोर्ते, धर्म सिंह मिरावी, जगदीश चौधरी और सिध्दराम पाटिल को सम्मानित किया गया।
सभी शिक्षकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आमंत्रित कर श्रीफल, शाल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

गुरुजनों के योगदान को सलाम
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए शिक्षकों द्वारा किए जा रहे निरंतर और प्रेरणादायी कार्यों की सराहना की।
कबीरधाम पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया कि समाज में बदलाव केवल कानून-व्यवस्था मजबूत करने से नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कार के जरिए बच्चों को बेहतर भविष्य देने से भी आता है। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को शिक्षा की राह दिखा रहे इन शिक्षकों का सम्मान उनके समर्पण को सलाम करने जैसा है।











