Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए दीपावली से पहले बड़ी खुशखबरी है। Mahtari Vandan Yojana की 33वीं किस्त आज यानी 3 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी। इस किस्त के तहत प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राज्योत्सव समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में राशि का अंतरण करेंगे। अगर आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं, तो जानिए किसे मिलेगा पैसा और घर बैठे कैसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस।
आज महिलाओं के खाते में आएंगे 632 करोड़ रुपये से ज्यादा
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी Mahtari Vandan Yojana के तहत प्रदेश की महिलाओं को नवंबर महीने की 33वीं किस्त मिलने जा रही है। दीपावली से ठीक पहले 3 नवंबर को राज्योत्सव समारोह के दौरान यह राशि जारी की जाएगी।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इस दौरान कुल 67,40,410 पात्र महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में 632,63,67,750 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाने निर्धारित हैं। राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से किया जाएगा।
किन महिलाओं को मिलेगी Mahtari Vandan Yojana की 33वीं किस्त?
इस बार योजना के तहत दो श्रेणियों की महिला हितग्राहियों को लाभ दिया जाएगा।
- 67,33,502 महिलाएं: वे हितग्राही जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी कर ली है।
- 6,908 महिलाएं: नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्र की महिलाएं, जिन्हें योजना की 13वीं किस्त का लाभ दिया जाएगा।
इस प्रकार कुल 67 लाख 40 हजार 410 महिलाओं को इस चरण में आर्थिक सहायता मिलेगी।
अमित शाह करेंगे राशि का अंतरण, राज्योत्सव में होगा कार्यक्रम
Mahtari Vandan Yojana की 33वीं किस्त का अंतरण छत्तीसगढ़ राज्योत्सव समारोह के मुख्य मंच से किया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस समारोह में महिलाओं के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से राशि भेजी जाएगी।
दीपावली से पहले मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से पात्र महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों और त्योहार की तैयारियों के लिए खर्च कर सकेंगी।
32 किस्तों में महिलाओं को मिल चुके हैं 20,717 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ में Mahtari Vandan Yojana की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। योजना की पहली किस्त 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई थी।
इसके बाद से पात्र महिलाओं को लगातार मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
अब तक Mahtari Vandan Yojana की 32 किस्तों के माध्यम से कुल 20,717.87 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
अब 33वीं किस्त जारी होने के बाद योजना के तहत वितरित कुल राशि बढ़कर लगभग 21,350.50 करोड़ रुपये हो जाएगी।
घर बैठे ऐसे चेक करें महतारी वंदन योजना का पेमेंट स्टेटस
अगर आप भी Mahtari Vandan Yojana की लाभार्थी हैं और जानना चाहती हैं कि आपके खाते में 33वीं किस्त आई है या नहीं, तो घर बैठे ऑनलाइन भुगतान की स्थिति चेक कर सकती हैं।
इसके लिए नीचे दिए गए तरीके अपनाएं:
- सबसे पहले महतारी वंदन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- वेबसाइट पर उपलब्ध आवेदन एवं भुगतान की स्थिति से संबंधित विकल्प चुनें।
- मांगी गई हितग्राही संबंधी जानकारी दर्ज करें।
- आवश्यक विवरण भरकर सबमिट करें।
- इसके बाद आपके आवेदन और भुगतान से जुड़ी उपलब्ध जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- इसके अलावा हितग्राही महिलाएं योजना के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी भुगतान की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
आधिकारिक वेबसाइट: https://mahtarivandan.cgstate.gov.in/
खाते में पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर 33वीं किस्त जारी होने के बाद भी आपके बैंक खाते में राशि दिखाई नहीं देती है, तो सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपना भुगतान स्टेटस चेक करें।
इसके साथ ही अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और DBT से संबंधित जानकारी भी बैंक से प्राप्त करें। ध्यान रखें कि राशि जारी होने और बैंक खाते में दिखाई देने के बीच कुछ समय का अंतर हो सकता है।
किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी न दें।
Mahtari Vandan Yojana का उद्देश्य क्या है?
Mahtari Vandan Yojana छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण महिला कल्याण योजना है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार के खर्चों में भी योगदान दे रही हैं।
