Raipur Ministry Bus Fire: नवा रायपुर स्थित महानदी भवन के गेट नंबर-04 के पास मंत्रालय कर्मचारियों को लेकर जा रही एक बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना के वक्त बस में 30 से ज्यादा कर्मचारी मौजूद थे, जो छुट्टी के बाद अपने घर जाने के लिए बस में सवार हुए थे। बताया जा रहा है कि बस के अगले हिस्से में स्थित इंजन से स्पार्क होने के बाद अचानक धुआं उठने लगा।
धुआं देखते ही बस में सवार कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि कर्मचारियों ने समय रहते बस से उतरकर अपनी जान बचा ली। देखते ही देखते आग ने बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 20 मिनट में बस जलकर खाक हो गई।
पुरानी बसों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
हादसे के बाद मंत्रालय के कर्मचारियों ने बसों के संचालन और उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि स्टाफ को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही कई बसें काफी पुरानी और खस्ताहाल स्थिति में हैं।
आग लगने वाली बस में सवार एक कर्मचारी के मुताबिक, बसों में खराबी की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और इसकी जानकारी विभाग को कई बार दी जा चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि मंत्रालय के लिए 100 नई बसें उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, फिर भी पुरानी बसों का संचालन क्यों किया जा रहा है?
मंत्रालय के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन
बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों ने मंत्रालय के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बसों की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई।
कर्मचारियों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी तत्काल किसी बड़े अधिकारी या मंत्री-विधायक के मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों की सुध नहीं लेने से उनमें नाराजगी है।
उपसचिव ने दिया जांच का आश्वासन
मामले को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव पुलक भट्टाचार्य ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि घटना की जांच की जाएगी। साथ ही अन्य बसों की स्थिति की भी जांच किए जाने की बात कही गई है।
आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल करीब एक घंटे के लिए अपना प्रदर्शन स्थगित किया। बताया गया कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी होगी।
हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
हादसे में राहत की बात यह रही कि बस में 30 से ज्यादा कर्मचारी सवार होने के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
कर्मचारियों का कहना है कि बसों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है और पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी वजह से स्टाफ बसों की सुरक्षा और नियमित जांच को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आएगा आग लगने का कारण
मामले में पुलिस ने आगजनी से संबंधित प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ASP ग्रामीण अभिषेक झा के मुताबिक, घटना की जांच की जा रही है और आग लगने के वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों और बस की तकनीकी स्थिति समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
