Shoaib Dhebar Arrested: कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर धमकी देकर ₹50 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर शोएब को शनिवार देर रात हिरासत में लिया गया।
बताया जा रहा है कि आनंद कुकरेजा को एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को बिश्नोई गैंग और अमन साव गैंग से जुड़ा बताया और ₹50 करोड़ की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
होटल से जुड़े युवक की गिरफ्तारी के बाद सामने आई कड़ियां
जांच के दौरान पुलिस ने जांजगीर-चांपा निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया, जो एक होटल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसे आनंद कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने के लिए कहा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इस काम के बदले उसे ₹25 करोड़ दिए जाने की बात कही गई थी। पुलिस अब इस दावे और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मेनन समाज के कार्यक्रम से शोएब को पुलिस ने पकड़ा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात शोएब ढेबर मेनन समाज के एक कार्यक्रम में मौजूद था। इसी दौरान पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई।
बताया जा रहा है कि सेंट्रल जोन के एसीपी और संबंधित थाना प्रभारी समेत पुलिस अधिकारियों की टीम मामले में उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस कथित फिरौती की मांग, धमकी देने वाले कॉल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
बीजेपी नेता के भांजे समेत कई लोगों से पूछताछ
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने एक बीजेपी नेता के भांजे को भी हिरासत में लिया है। इसके अलावा होटल के तीन कर्मचारियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धमकी और फिरौती मांगने की योजना में इन लोगों की क्या भूमिका थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। शोएब ढेबर समेत हिरासत में लिए गए अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। ₹50 करोड़ की कथित फिरौती, गैंग के नाम पर धमकी और आरोपियों के बीच संभावित संपर्क इस जांच के प्रमुख बिंदु बताए जा रहे हैं।
मामले में पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
