छत्तीसगढ़ भाजपा में अगले दो दिन बेहद अहम रहने वाले हैं! नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी अपने पहले दौरे पर रायपुर पहुंच रही हैं। कोर ग्रुप से लेकर कैबिनेट मंत्रियों तक बैठकों का सिलसिला चलेगा। मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होगी, संगठन से फीडबैक लिया जाएगा और आगामी रणनीति पर मंथन होगा। आखिर इन बैठकों के एजेंडे में क्या-क्या शामिल है? जानिए पूरा कार्यक्रम और इसके मायने।
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे से BJP में बढ़ी हलचल
छत्तीसगढ़ भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी आज, 25 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगी। उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रहेंगे। दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी संगठन की गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों के कामकाज और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर कई अहम बैठकें प्रस्तावित हैं।
स्मृति ईरानी की प्रदेश प्रभारी के रूप में यह पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है। ऐसे में पार्टी संगठन ने उनके स्वागत की तैयारियां की हैं। दो दिनों तक चलने वाली बैठकों में प्रदेश पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के प्रमुखों से चर्चा की जाएगी।
एयरपोर्ट से भाजपा कार्यालय तक स्वागत की तैयारी
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के रायपुर पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है। एयरपोर्ट से कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय तक विभिन्न स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई है।
दिए गए कार्यक्रम के अनुसार, 20 मंडलों के कार्यकर्ता स्वागत में शामिल होंगे। युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की ओर से बाइक रैली निकालने की भी तैयारी है। शहर के कई चौक-चौराहों पर स्वागत मंच बनाए जाने की योजना है।
पहले दिन कोर ग्रुप तक होगी बैठकों की मैराथन
25 अक्टूबर को स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की मौजूदगी में संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला सुबह से शाम तक चलेगा। दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के साथ होगी। इसके बाद संगठन के अलग-अलग स्तरों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा होगी।
25 अक्टूबर का प्रस्तावित कार्यक्रम:
- सुबह 11:00 से 11:30 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण।
- सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे: प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री संगठन और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक।
- दोपहर 12:30 से 1:30 बजे: प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक समीक्षा और आगामी रणनीति पर चर्चा।
- दोपहर 1:30 से 2:30 बजे: संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक।
- शाम 3:30 से 5:00 बजे: पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ बैठक।
- शाम 5:30 से 7:00 बजे: पार्टी के पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संवाद।
- शाम 7:00 से रात 8:30 बजे: भाजपा कोर ग्रुप की बैठक।
इन बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति, पार्टी की गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
दूसरे दिन मंत्रियों के कामकाज की होगी समीक्षा
दौरे के दूसरे दिन, 26 अक्टूबर को भी बैठकें जारी रहेंगी। इस दिन विधायकों, सांसदों और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा का कार्यक्रम है। मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक पर विशेष नजर रहेगी, क्योंकि इसमें उनके विभागों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी ली जा सकती है।
26 अक्टूबर का प्रस्तावित कार्यक्रम:
- सुबह 10:00 से 11:30 बजे: भाजपा के सभी विधायकों के साथ बैठक।
- सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे: पार्टी सांसदों के साथ चर्चा।
- दोपहर 12:30 से 2:00 बजे: राज्य मंत्रिमंडल के मंत्रियों के साथ बैठक।
- दोपहर 3:00 से 4:30 बजे: निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक।
- शाम 4:30 बजे से: विचार परिवार के प्रमुख पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद।
मंत्रियों के साथ बैठक में विभागीय कामकाज, योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, किसी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई या बदलाव को लेकर कोई निर्णय पहले से घोषित नहीं है।
2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पर भी नजर
स्मृति ईरानी के दौरे को भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा और आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और अलग-अलग क्षेत्रों से फीडबैक लेना महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।
बैठकों के दौरान प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों से संगठन की स्थिति, जनसंपर्क गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की जाएगी। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में भी संगठन को मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है।
पूर्व सांसदों और विधायकों से भी होगा संवाद
दौरे के पहले दिन पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ अलग बैठक रखी गई है। इसके अलावा पार्टी के पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों से भी संवाद किया जाएगा।
इन बैठकों में पुराने जनप्रतिनिधियों के अनुभव, संगठन से जुड़े सुझाव और आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा हो सकती है। इससे प्रदेश संगठन को अलग-अलग स्तरों से फीडबैक मिलने की उम्मीद है।
स्मृति ईरानी के दौरे पर क्यों टिकी हैं नजरें?
स्मृति ईरानी के पहले छत्तीसगढ़ दौरे में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के कई स्तरों को शामिल किया गया है। प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर सांसदों, विधायकों और मंत्रियों तक के साथ बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि दो दिनों की समीक्षा बैठकों से संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना को लेकर क्या दिशा निकलती है। मंत्रियों के कामकाज पर चर्चा और कोर ग्रुप की बैठक भी इस दौरे के प्रमुख पहलुओं में शामिल हैं।
