बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में कथित फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। शंकरगढ़ विकासखंड में फर्जी अंकसूचियों के जरिए नियुक्तियां हासिल करने के आरोपों की जांच के दौरान विष्णु यादव (33) को गिरफ्तार किया गया। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फर्जी अंकसूचियों से नियुक्ति हासिल करने का आरोप
मामले की शुरुआत एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी की प्रभारी अधिकारी की शिकायत से हुई थी, जो अगस्त 2025 में दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शंकरगढ़ विकासखंड में कूटरचित और फर्जी अंकसूचियों का इस्तेमाल कर आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर नियुक्तियां हासिल की गईं।
धोखाधड़ी और साजिश समेत कई धाराओं में केस
शंकरगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 115/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 111 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले को फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्तियां हासिल करने से जुड़े कथित संगठित नेटवर्क के रूप में जांच रही है।
पहले 9 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में इससे पहले सुशीला सिंह, अरमाना, रिजवाना, प्रियंका यादव, उमाशंकर पैकरा, शिवनारायण, आबिद अंसारी, समसुद्दीन अंसारी और सहीना परवीन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। विष्णु यादव की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 10 हो गई है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों पर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
