Bhavana Bohra: लगातार पांचवें वर्ष अमरकंटक में कांवड़ यात्रियों के लिए सेवा, डोंगरिया में पूरे सावन चला भंडारा
अमरकंटक से डोंगरिया तक भक्ति और सेवा का बड़ा आयोजन देखने को मिला। पंडरिया विधायक Bhavana Bohra की पहल पर 1.5 लाख से ज्यादा कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया। लगातार पांचवें साल अमरकंटक में चली इस सेवा के पीछे क्या उद्देश्य रहा और कबीरधाम के कांवड़ यात्रियों से भावना बोहरा ने क्या कहा? पूरी खबर पढ़िए।
पंडरिया विधायक Bhavana Bohra की ओर से सावन के पावन महीने में भक्ति के साथ मानव सेवा की मिसाल पेश की गई। अमरकंटक और कबीरधाम के ग्राम डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था की गई। इस वर्ष दोनों स्थानों पर 1.5 लाख से अधिक शिवभक्तों और कांवड़ियों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
अमरकंटक में पांचवें साल भी कांवड़ियों की सेवा
विधायक Bhavana Bohra द्वारा लगातार पांचवें वर्ष अमरकंटक में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई। अमरकंटक के मेला मैदान स्थित डोम और नए नगर पालिका परिसर में 30 जुलाई से शुरू हुई यह सेवा 24 अगस्त को विधिवत समाप्त हुई।
दूर-दराज से अमरकंटक पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों को कठिन यात्रा के बाद यहां भोजन के साथ विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। सेवा व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।
डोंगरिया में पूरे सावन चला भंडारा
इस वर्ष अमरकंटक के साथ ग्राम डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में भी पूरे सावन माह तक भंडारे की व्यवस्था की गई। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांवड़ यात्री और शिवभक्त पहुंचे और प्रसादी ग्रहण की।
आयोजन के दौरान अमरकंटक और डोंगरिया में मिलाकर कुल 1,50,000 से अधिक भोजन की थालियां श्रद्धालुओं को परोसे जाने का दावा किया गया है। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई।
‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म’ की Bhavana Bohra
विधायक Bhavana Bohra ने कहा कि भगवान महादेव की भक्ति के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा और संस्कारों से जुड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि लगातार पांचवें वर्ष सावन में शिवभक्तों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से कठिन यात्रा कर अमरकंटक आने वाले कबीरधाम जिले के कांवड़ यात्रियों की सेवा की जा रही है। वहीं पिछले दो वर्षों से उन्हें मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक करीब 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा में शामिल होने का अवसर भी मिला है।

कबीरधाम के कांवड़ यात्रियों का जताया आभार
भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले से अमरकंटक और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचे कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और सहभागिता आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि धार्मिक सभ्यता और संस्कृति को संजोने में श्रद्धालुओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार ऐसे आयोजनों से सनातन परंपरा और धार्मिक संस्कृति को आगे बढ़ाने में भी योगदान मिलता है।

Bhavana Bohra समाज सेवी संस्थान के सदस्यों की सराहना
विधायक ने इस सेवा कार्य में सहयोग करने वाले भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्यों ने दिन-रात सेवाभाव से कांवड़ यात्रियों की सेवा की, उन्हें भोजन परोसा और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा।
इसके साथ ही उन्होंने समाजसेवियों और कबीरधाम जिले की जनता का भी आभार जताया, जिन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस सेवा कार्य में सहयोग और मार्गदर्शन दिया।
अमरकंटक में निःशुल्क भोजन एवं विश्राम सेवा के समापन और डोंगरिया में पूरे सावन चले भंडारे के साथ इस वर्ष का सेवा अभियान पूरा हुआ। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण की भावना को सामने रखा।
