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Kabirdham News: फर्जी PhonePe रिसीविंग दिखाकर करता था ठगी, 40 हजार की वारदातों का खुलासा; आरोपी गिरफ्तार

Kabirdham News: कबीरधाम जिले में फर्जी डिजिटल पेमेंट रिसीविंग दिखाकर लोगों से नगद राशि ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जेम्स हालदार, निवासी दाढ़ी, जिला बेमेतरा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कबीरधाम जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में ठगी के कई मामले दर्ज हैं।

मामला तब सामने आया जब 7 सितंबर 2026 को थाना पिपरिया क्षेत्र के ग्राम परसवारा निवासी सूरज पटेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी के मुताबिक मोटरसाइकिल से एक व्यक्ति उसके पास पहुंचा और अपना नाम जेम्स बताया। उसने PhonePe खाते में रकम ट्रांसफर करने के बदले नगद पैसे देने की बात कही।

इसके बाद आरोपी ने प्रार्थी के PhonePe स्कैनर को स्कैन किया और भुगतान पूरा होने की फर्जी रिसीविंग मोबाइल पर दिखा दी। रिसीविंग को असली मानकर प्रार्थी ने आरोपी को 5 हजार रुपये नगद दे दिए। बाद में जब प्रार्थी ने अपना बैंक अकाउंट चेक किया तो उसमें पैसे जमा नहीं हुए थे। इसके बाद उसे ठगी का पता चला और उसने तत्काल थाना पिपरिया में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने बनाई संयुक्त टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पिपरिया पुलिस ने तत्काल पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना कवर्धा और थाना पिपरिया की संयुक्त टीम बनाई गई।

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जेम्स हालदार को कवर्धा सिग्नल चौक के पास गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया ठगी का तरीका

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट के माध्यम से फर्जी PhonePe आईडी और फर्जी पेमेंट रिसीविंग का इस्तेमाल कर ठगी करने का तरीका सीखा था। इसके बाद वह इसी तरीके से अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बनाने लगा।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने कबीरधाम जिले के थाना पिपरिया, थाना सासपुर लोहारा और चौकी दशरंगपुर क्षेत्र में फर्जी डिजिटल पेमेंट दिखाकर कई लोगों से नगद रकम ठगी की। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि आरोपी के खिलाफ अन्य जिलों में भी अपराध दर्ज हैं।

चार मामलों में 40 हजार की ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कबीरधाम जिले में चार अलग-अलग मामलों में अपराध दर्ज है। थाना पिपरिया में अपराध क्रमांक 241/26, धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज है, जिसमें 5 हजार रुपये की ठगी का आरोप है।

वहीं चौकी दशरंगपुर में अपराध क्रमांक 242/26, धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज है, जिसमें 8 हजार रुपये की ठगी की गई। थाना सासपुर लोहारा में अपराध क्रमांक 127/26 में 20 हजार रुपये और अपराध क्रमांक 128/26 में 7 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज है।

इस तरह इन चार मामलों में आरोपी पर कुल 40 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप है।

मोबाइल और मोटरसाइकिल समेत सामान जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की गई 5 हजार रुपये की नगद राशि बरामद की है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल किए गए एक Vivo मोबाइल, एक iPhone और एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है।

आरोपी के खिलाफ विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

इस कार्रवाई के बाद कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से डिजिटल पेमेंट को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि केवल PhonePe, Google Pay या किसी अन्य डिजिटल माध्यम की पेमेंट रिसीविंग मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने से यह मान लेना सही नहीं है कि भुगतान वास्तव में प्राप्त हो गया है।

पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी डिजिटल भुगतान के बाद अपने मोबाइल में बैंक अकाउंट या UPI का वास्तविक ट्रांजैक्शन खुद चेक करें। भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही किसी व्यक्ति को नगद राशि या सामान दें।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील

कबीरधाम पुलिस की ओर से साइबर अपराधों को लेकर लगातार साइबर जागृति अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन में जल्दबाजी न करें।

पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता से साइबर ठगी की कई घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा सकता है। खासकर डिजिटल पेमेंट लेते समय सिर्फ स्क्रीन पर दिखाई गई रसीद पर भरोसा करने के बजाय बैंक खाते में रकम पहुंचने की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

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