Kabirdham News: कबीरधाम जिले में Bal Vivah की रोकथाम को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम जिले के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक कर रही है।
जिले के चारों विकासखंडों में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ग्राम बरबसपुर, भेड़ागढ़, मंजगांव और बारभावर समेत विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान के साथ-साथ इससे जुड़े कानूनों की जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीणों और बच्चों को दिलाई जा रही शपथ
जागरूकता अभियान के दौरान टीम ग्रामीणों और स्कूली विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए आगे आने के लिए प्रेरित कर रही है। लोगों को समझाया जा रहा है कि कम उम्र में बच्चों का विवाह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
इसके साथ ही ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। अभियान का उद्देश्य गांव स्तर पर लोगों को जागरूक कर बाल विवाह की घटनाओं को रोकने में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
Bal Vivah करना और करवाना कानूनन अपराध
कार्यक्रम के दौरान टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के बारे में भी जानकारी दी। ग्रामीणों और स्कूली विद्यार्थियों को बताया गया कि निर्धारित उम्र से कम उम्र में विवाह करना या करवाना कानूनन अपराध है।
वर्तमान प्रावधानों के अनुसार विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होना आवश्यक है। इससे कम उम्र में विवाह कराने की कोशिश करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
टीम ने Bal Vivah के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। बच्चों और किशोर-किशोरियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने, अपने अधिकारों को समझने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
Bal Vivah की जानकारी मिले तो तुरंत करें शिकायत
Bal Vivah की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में लोगों से अपील की जा रही है कि अगर उनके आसपास कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। समय रहते मिली सूचना से बाल विवाह को रोका जा सकता है और बच्चों को संरक्षण दिया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से लोगों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बताया गया कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

1098 पर मिलती है बच्चों को मदद
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों के लिए 24 घंटे संचालित होने वाली निःशुल्क आपातकालीन सेवा है। ऐसे बच्चों को सहायता और संरक्षण दिलाने के लिए इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है, जिन्हें देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है।
अनाथ, बेसहारा, गुमशुदा, बाल श्रम या बाल विवाह से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा और सहायता के लिए भी 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि बच्चों से जुड़ी किसी भी ऐसी स्थिति की जानकारी मिलने पर चुप न रहें और तत्काल सूचना दें।
Bal Vivah मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अभियान
छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायतों में महिला एवं बाल विकास विभाग, मिशन वात्सल्य और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम लगातार लोगों तक पहुंच रही है।
अभियान के जरिए ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ प्रशासन का सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। गांवों में जागरूकता बढ़ने से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने में सामूहिक प्रयास मजबूत होने की उम्मीद है।

लगातार जारी है जागरूकता अभियान
बाल विवाह रोकथाम के लिए आयोजित इन कार्यक्रमों में मिशन वात्सल्य से राजाराम चंद्रवंशी, संरक्षण अधिकारी, अविनाश ठाकुर, परामर्शदाता, चाइल्ड हेल्पलाइन से महेश कुमार निर्मलकर, परियोजना समन्वयक, हीरा सेन, परामर्शदाता, रामलाल पटेल और श्यामा धुर्वे, सुपरवाइजर, विनय कुमार जंघेल और प्रिंसी गुप्ता, आउटरिच वर्कर तथा मंदाकिनी वर्मा और भारती धुर्वे, केस वर्कर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
कबीरधाम जिले में यह अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बाल विवाह के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाकर लोगों को इस सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ सक्रिय भागीदार बनाया जाए।
